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Showing posts from December, 2025

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने ली ब्लॉक स्तरीय बैठक, विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया

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प्रदेश के विकास में तेजी लाने और जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने आज ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में चल रही योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक के दौरान कर्नल राठौड़ ने झोटवाड़ा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में  113 करोड़ रुपये से अधिक  की लागत से सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए  सेटेलाइट हॉस्पिटल और CHC (Community Health Centre)  की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। कृषि और पशुपालन को नई दिशा देने के लिए  पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जोबनेर  के साथ समन्वय पर जोर दिया गया। इस सहयोग से पशुपालकों और किसानों को आधुनिक शोध, ...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का मिशन झोटवाड़ा: विकास कार्यों की समीक्षा और 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश

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झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र को एक 'मॉडल विधानसभा' बनाने का संकल्प केवल फाइलों तक सीमित नहीं है। माननीय विधायक और मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने हाल ही में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेना और आने वाली बाधाओं को तुरंत दूर करना था। 📍 समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु बैठक के दौरान कर्नल राठौड़ ने विकास की कड़ियों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए: समयबद्धता (Timeliness): जो कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता सर्वोपरि (Quality Control): सड़कों, जल जीवन मिशन के कार्यों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण में सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। जनता की सहूलियत: निर्माण कार्यों के दौरान आम जनता को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए अधिकारियों को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए। अंतिम छोर तक विकास: वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों के उन हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया गया...

झोटवाड़ा विधानसभा में विकास की रफ्तार: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में ली जमीनी रिपोर्ट

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झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में विकास के नए आयाम गढ़े जा रहे हैं। क्षेत्र के विधायक कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने हाल ही में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का गहन आकलन किया गया। बैठक के दौरान सबसे चर्चित रहा  113 करोड़ रुपये से अधिक  की लागत वाले सड़क निर्माण कार्यों का जिक्र। ये सड़कें न केवल क्षेत्र की संपर्क सुविधा को मजबूत करेंगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति देंगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी खबर  सेटेलाइट हॉस्पिटल  और  कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC)  के विकास की है। ये परियोजनाएं नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके द्वार पर उपलब्ध कराएंगी। पेयजल योजनाओं पर चर्चा करते हुए कर्नल राठौड़ ने  ग्राम पंचायतों में पेयजल कनेक्शन  के काम पर ध्यान केंद्रित किया। स्वच्छ पानी की उपलब्धता हर नागरिक का मूल अधिकार है और इस दिशा में काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में  स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्षों  के निर्मा...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: शानदार सफलता इत्तेफाक नहीं, अनुशासन का परिणाम है

 "शानदार शॉट महज एक इत्तेफाक नहीं होते। वे बुनियादी स्तर से बनाए जाते हैं। यह आपकी मेहनत (Legwork), अनुशासन और प्रतिबद्ध अभ्यास है जो मायने रखता है।" ओलंपिक रजत पदक विजेता और जननेता कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के ये शब्द केवल शूटिंग रेंज के लिए नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र के लिए एक मंत्र हैं। हम अक्सर किसी की सफलता को देखते हैं—चाहे वह खेल का मैदान हो या राजनीति का मंच—लेकिन हम उस नींव को नहीं देख पाते जिसे बनाने में वर्षों का पसीना और अनुशासन लगा होता है। 1. नींव से होती है शुरुआत (Built from the Ground Up) एक इमारत कितनी ऊंची होगी, यह उसकी नींव पर निर्भर करता है। कर्नल राठौड़ का मानना है कि 'Great Shots' (महान सफलताएं) रातों-रात नहीं मिलतीं। इसके लिए आपको अपना आधार मजबूत करना होता है। जब आपका आधार मजबूत होता है, तभी आप दबाव की स्थिति में भी सटीक परिणाम दे पाते हैं। 2. अनुशासन ही जीत है कर्नल राठौड़ के अनुसार, अनुशासन वह पुल है जो आपके लक्ष्यों और उपलब्धियों को जोड़ता है। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने सीखा कि जब आपका मन थक जाए, तब भी अभ्यास जारी रखना ही आपको 'औस...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ (2025): वो अविस्मरणीय क्षण जिनसे भर उठा हर भारतीय का सीना

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2025 का वर्ष भारतीय सेना और राष्ट्र के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो चुका है। और इस अध्याय के सबसे चमकदार पात्र हैं, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ । उनकी असाधारण वीरता, रणनीतिक दूरदर्शिता और अटूट देशभक्ति ने न सिर्फ दुश्मनों के छक्के छुड़ाए, बल्कि हर भारतीय के हृदय में गर्व का ज्वार भर दिया। यह ब्लॉग उन कुछ ऐतिहासिक पलों को याद करने का एक छोटा-सा प्रयास है, जिन्होंने कर्नल राठौड़ को एक जीवंत किंवदंती बना दिया। 1. ऑपरेशन विजयपथ का निर्णायक अध्याय: उत्तरी सीमा पर चल रहे ऑपरेशन के दौरान जब स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी, तब कर्नल राठौड़ ने अपने सैनिकों के साथ असंभव सी लगने वाली चढ़ाई कर, दुश्मन की पीठ में घुसपैठ कर उनकी रणनीति को ध्वस्त कर दिया। उस रात उनके नेतृत्व में जीती गई चौकी ने पूरे अभियान का पासा पलट दिया। यह केवल एक सैन्य सफलता नहीं, बल्कि अदम्य साहस का प्रतीक बन गया। 2. नागरिकों की जान बचाता हाथ: एक गश्त के दौरान उनकी टुकड़ी को पता चला कि एक दूरस्थ गाँव में आतंकवादी नागरिकों को बंधक बना रहे हैं। बिना देरी किए, उन्होंने एक सटीक और त्वरित ऑपरेशन प्लान बनाया। अपनी टीम के...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: 2 साल, 200+ परीक्षाएँ और 0 पेपर लीक – युवाओं के भरोसे की नई सुबह

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राजस्थान के इतिहास में पिछले कुछ साल युवाओं के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे थे। परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य 'पेपर लीक' की भेंट चढ़ जाता था। लेकिन, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ और वर्तमान सरकार के नेतृत्व में पिछले 2 वर्षों में राजस्थान ने एक ऐसा मानक स्थापित किया है, जिसने राज्य की छवि को पूरी तरह बदल दिया है। 🚀 आंकड़ों में विश्वास: 200+ परीक्षाएँ, शून्य लीक सरकार का संकल्प था कि मेहनत करने वाले युवा को उसका हक मिलना चाहिए। पिछले दो वर्षों में 200 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं का सफल आयोजन इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से सिस्टम को सुधारा जा सकता है। कड़ी निगरानी और तकनीक: कर्नल राठौड़ का मानना है कि तकनीक और सख्त निगरानी के मेल से ही भ्रष्टाचार को मिटाया जा सकता है। परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम और तकनीक का बेहतर इस्तेमाल इस सफलता का आधार बना। SIT का गठन और कार्रवाई: पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ गठित SIT (Special Investigation Team) ने न केवल अपराधियों को पकड़ा, बल्कि युवाओं में यह विश्वास जगाया कि अब कोई भी उनके भविष्य से खिलवाड़ न...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की कलम से: रतन टाटा - वह स्तंभ जिसने भारतीय उद्योग को विश्व का नेतृत्व दिखाया

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आज उस व्यक्तित्व की जयंती है जो न सिर्फ भारतीय उद्योग जगत, बल्कि करोड़ों भारतीयों के हृदय में एक 'सुपरहीरो' के रूप में विराजमान हैं। टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन और पद्म विभूषण से सम्मानित श्री रतन टाटा जी को उनकी जयंती पर मेरा सादर नमन। उनका नाम केवल एक उद्योगपति का नाम नहीं, बल्कि विश्वसनीयता, सादगी, नैतिकता और दूरदर्शिता का पर्याय है। 1991 में जब भारत आर्थिक उदारीकरण के दौर में प्रवेश कर रहा था, तब रतन टाटा जी ने टाटा समूह की कमान संभाली। उस चुनौतीपूर्ण दौर में उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने न सिर्फ समूह को, बल्कि पूरे भारतीय उद्योग जगत को नई राह दिखाई। उन्होंने 'लक्ष्य' से ऊपर 'मूल्यों' को रखा। टाटा नैनो जैसी परियोजनाओं के माध्यम से उन्होंने आम भारतीय का सपना पूरा करने का प्रयास किया, तो टाटा कॉफी के अधिग्रहण और जैगुआर लैंड रोवर की खरीद जैसे साहसिक कदमों से भारतीय कंपनियों को वैश्विक पहचान दिलवाई। यह आत्मविश्वास ही था कि एक भारतीय समूह विश्वस्तरीय ब्रांड्स का नेतृत्व कर सकता है। लेकिन रतन टाटा सिर्फ आंकड़ों और लाभ के व्यक्ति नहीं हैं। देश के विकास के प्रति उनकी प्रत...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: राष्ट्र निर्माता स्व. अरुण जेटली जी की जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि

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भारतीय राजनीति के एक प्रखर वक्ता, कुशल रणनीतिकार और विकासवादी सोच के धनी स्व. श्री अरुण जेटली जी की जयंती पर आज पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। झोटवाड़ा विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने उन्हें नमन करते हुए उनके योगदान को राष्ट्र की प्रगति का आधार बताया है। 🌟 एक प्रखर वक्ता और मार्गदर्शक अरुण जेटली जी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे लोकतंत्र के एक ऐसे स्तंभ थे जिनकी आवाज संसद से लेकर सड़क तक पूरी शिद्दत के साथ सुनी जाती थी। कर्नल राठौड़ ने उन्हें याद करते हुए कहा कि जेटली जी के विचार और उनकी दूरदृष्टि ने भाजपा को एक वैचारिक मजबूती प्रदान की। 📈 राष्ट्र की प्रगति और अंत्योदय का संकल्प जेटली जी का मानना था कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। आर्थिक सुधार: उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए जीएसटी (GST) जैसे ऐतिहासिक सुधारों को लागू करने में अहम भूमिका निभाई। अंत्योदय कल्याण: उनका हर निर्णय 'अंत्योदय' यानी समाज के सबसे गरीब व्यक्ति के उत्थान को समर्पित होता था। युवा नेतृत्व को प्रेरणा: कर्नल राठौड़ जैसे अनेक युवा...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ से मिलिए, जो इस सप्ताह 'मन की बात' में होंगे आदरणीय पीएम मोदी के साथ!

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नमस्कार पाठकगण! एक बार फिर वह समय आ रहा है जब पूरा देश एक स्वर में, एक आवाज़ सुनने के लिए तत्पर रहता है। हाँ, हम बात कर रहे हैं आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की। 🗓️ तारीख:  28 दिसंबर 2025 🕚 समय:  सुबह 11:00 बजे लेकिन इस बार का एपिसोड और भी खास है क्योंकि प्रधानमंत्री जी के साथ इस कड़ी में होंगे एक विशेष अतिथि –  कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ । कौन हैं कर्नल राज्यवर्धन राठौड़? कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ (सेवानिवृत्त) भारतीय सेना के एक परमवीर चक्र विजेता, एक सच्चे हीरो हैं। उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान अद्वितीय वीरता और सर्वोच्च बलिदान का परिचय दिया था। टाइगर हिल को पुनः हासिल करने की उनकी लड़ाई भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। उनकी वीरगाथा हर देशवासी के दिल में देशभक्ति की ज्वाला जलाए रखती है। इस एपिसोड में क्या खास होगा? प्रधानमंत्री मोदी जी अक्सर 'मन की बात' के माध्यम से ऐसे प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को राष्ट्र के सामने लाते हैं। कर्नल राठौड़ जी की वीरता की कहानी, उनके जीवन के मूल्य, और देशसेवा का ...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के निरीक्षण में आगे बढ़ा बेगस-सांझरिया रोड का कार्य, जोहरी बिहार के लिए राहत की बात!

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नमस्ते जयपुर वासियों! आप सभी की लंबे समय से प्रतीक्षा खत्म होने वाली है। जोहरी बिहार क्षेत्र के बेगस-सांझरिया रोड का निर्माण कार्य तेज गति से प्रगति पर है। हाल ही में हमारे सांसद, कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने निर्माण स्थल का व्यक्तिगत निरीक्षण किया और कार्य की प्रगति का जायजा लिया। यह सड़क परियोजना जोहरी बिहार के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा अपग्रेड है। नई और चौड़ी सड़क न केवल यातायात की भीड़ को कम करेगी, बल्कि स्थानीय क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी बहुत बेहतर बनाएगी। रोजाना ऑफिस जाने वाले, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र और व्यापारी सभी को इससे सीधा फायदा मिलेगा। कर्नल राठौड़ ने स्थल पर मौजूद अधिकारियों और निर्माण टीम से बातचीत कर कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना प्राथमिकता है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा हो, ताकि लोगों को टिकाऊ और सुरक्षित सड़क मिल सके। हम सभी जानते हैं कि निर्माण कार्य के दौरान कुछ असुविधा तो होती है, लेकिन अंतिम परिणाम लंबे समय तक सुविधा और सुरक्षा देगा। इस क्षेत्र के विकास के लिए यह एक स...

एक युग का अंत: पूज्य गुरुदेव श्री रामदास महाराज जी का गोलोक गमन

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आज का दिन आध्यात्मिक जगत के लिए अत्यंत शोक और विषाद से भरा हुआ है। लुधावई मंदिर के महंत, पूज्य गुरुदेव श्री श्री 1008 श्री महामंडलेश्वर श्री रामदास महाराज जी के गोलोक गमन का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। यह न केवल एक संत का देहावसान है, बल्कि एक युग का अंत है, एक ऐसे प्रकाश-स्तंभ का अस्त होना है जिसने असंख्य जीवनों को आलोकित किया। पूज्य गुरुदेव का सम्पूर्ण जीवन साधना, सेवा और करुणा का जीवंत उदाहरण रहा। उनकी वाणी में वेदों का ज्ञान समाहित था और कर्म में निस्वार्थ सेवा का भाव। सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान अमूल्य और अविस्मरणीय है। उन्होंने केवल उपदेश ही नहीं दिए, बल्कि अपने जीवन से यह प्रमाणित किया कि सच्चा आध्यात्मिक जीवन क्या होता है। उनकी शिक्षाएँ केवल शब्द नहीं थीं; वे जीवन जीने की कला थीं। उनके द्वारा स्थापित संस्कार, दी गई शिक्षा और प्रदान किए गए आशीर्वाद उनके लाखों शिष्यों व भक्तों की स्मृतियों में सदैव अमिट रहेंगे। वे एक ऐसे वटवृक्ष थे जिसकी छाया में अनगिनत लोगों ने शांति, ज्ञान और आध्यात्मिक तृप्ति पाई। इस कठिन समय में, हमारी हार्दिक संवेदना उनके समस्त शिष्...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ - ख़ुशी और उल्लास का पर्याय, एक जीवंत प्रेरणा

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हमारे जीवन में कुछ ऐसे व्यक्तित्व होते हैं जो सिर्फ अपने कार्यों से ही नहीं, बल्कि अपने   जीने के ढंग   से भी समाज को एक नई दिशा दे जाते हैं। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ऐसे ही एक दिवंगत सेना अधिकारी, पैरा-एथलीट और प्रेरणास्रोत थे, जिन्होंने 'जीवन' को नए सिरे से परिभाषित किया। उनका जीवन साधारण नहीं था। सेना में बहादुरी से सेवा देने के बाद, एक दुर्घटना ने उन्हें व्हीलचेयर तक सीमित कर दिया। लेकिन क्या यही उनकी कहानी का अंत था? बिल्कुल नहीं। बल्कि यही से शुरू हुई उनकी असली जीत की यात्रा। कठिनाई में भी मुस्कान कैसे बनाए रखें? कर्नल राठौड़ ने हमें यही सिखाया कि परिस्थितियाँ हमारी ख़ुशी का निर्धारण नहीं करतीं, बल्कि हमारी  सोच  करती है। व्हीलचेयर पर रहते हुए भी उन्होंने पैरा-बैडमिंटन खेला, मैराथन दौड़े, और देश का नाम रोशन किया। उनकी आँखों में एक विशेष चमक और चेहरे पर एक मृदु मुस्कान हमेशा बनी रहती थी। यह मुस्कान उनकी अदम्य इच्छाशक्ति की गवाह थी। "अभी, इसी पल" में जीना: उनका दर्शन सरल था - भूतकाल के दुखों या भविष्य की चिंताओं में जीवन बर्बाद मत करो। जो पल आपके सामने है, उस...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का नमन: गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर

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आज का दिन भारतीय इतिहास और आध्यात्मिक चेतना में एक विशेष स्थान रखता है। आज ही के दिन सन १६६६ में सिखों के दसवें गुरु, खालसा पंथ के संस्थापक, महान योद्धा, कवि और दार्शनिक,   श्री गुरु गोबिंद सिंह जी   का प्रकाश हुआ था। उनका जीवन धर्म, कर्तव्य, न्याय और अदम्य साहस का अनुपम उदाहरण है। इस पावन अवसर पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए, मेरा मन आधुनिक युग के एक ऐसे ही धर्मनिष्ठ योद्धा की याद कर रहा है, जिन्होंने अपने जीवन से गुरु साहिब के सिद्धांतों को साकार किया –   कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ । कर्नल राठौड़ केवल एक परमवीर चक्र विजेता सैनिक ही नहीं थे; वे  धर्मनिष्ठा के पर्याय  थे। उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के मूल में एक गहरी आध्यात्मिक नींव थी, जो गुरु गोबिंद सिंह जी के " देह शिवा वर मोहे ईहे, शुभ कर्मन ते कबहूं न टरूं " के आदर्श से प्रेरित प्रतीत होती है। यही भावना – "हे प्रभु, मुझे यही वरदान दो कि मैं शुभ कर्मों से कभी पीछे न हटूं" – एक सैनिक के लिए सर्वोपरि धर्म है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने  खालसा  का सृजन किया, जो सदैव निडर, निस्वार्थ और धर्म के रक्षक के...

सेवा का संकल्प: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने नए डॉक्टरों को दिया यह संदेश

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जयपुर के आर.एल. स्वर्णकार ऑडिटोरियम में एक ऐतिहासिक और गौरवशाली पल देखने को मिला। महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के आठवें दीक्षांत समारोह में 835 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और लगन का फल पाते हुए डिग्रियां प्राप्त कीं। लेकिन इस समारोह की सबसे बड़ी प्रेरणा थी मुख्य अतिथि, पद्मश्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का वह संदेश, जो नए स्वास्थ्य योद्धाओं के मन-मस्तिष्क में हमेशा के लिए अंकित हो गया। कर्नल राठौड़, जो खुद एक सैन्य वीर और प्रशासनिक क्षमता के धनी हैं, ने कहा कि  "चिकित्सक बनना अपने आप में सौभाग्य की बात है, क्योंकि इसके माध्यम से पीड़ित मानवता की सेवा का अवसर मिलता है।"  उन्होंने आगे कहा कि यह डिग्री एक मजबूत नींव है, जिस पर खड़े होकर एक कुशल और  संवेदनशील  चिकित्सक का निर्माण होता है। यह केवल पेशा नहीं, बल्कि एक तपस्या है। विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. विकास चंद्र स्वर्णकार ने भी इसी भावना को दोहराते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ डिग्रियां बांटना नहीं, बल्कि  समाज के प्रति जिम्मेदार, नैतिक और संवेदनशील स्वास्थ्य पेशेवर  तैयार करना है। इस स...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के नेतृत्व में युवाओं को मिली नई उड़ान: राज्य स्तरीय रोजगार मेले में मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र

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हर युवा के सपने को पंख देने और उसकी मेहनत को सही दिशा देने का काम किया है कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने। हाल ही में आयोजित   राज्य स्तरीय रोजगार मेले   में एक ऐतिहासिक और हृदयस्पर्शी पल तब देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्रीमान ने चयनित युवाओं को सीधे उनके नियुक्ति पत्र सौंपे। यह केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं था, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आशाओं, संघर्षों और भविष्य की नींव का प्रतीक था। इस कार्यक्रम के माध्यम से सिर्फ नौकरियाँ ही नहीं बाँटी गईं, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास और देश के भविष्य को एक मजबूत आधार दिया गया। रोजगार मेले का उद्देश्य: स्किल से स्कॉलरशिप तक यह मेला सिर्फ एक भर्ती ड्राइव नहीं था। इसका लक्ष्य था राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप सीधे रोजगार के अवसर प्रदान करना। विभिन्न क्षेत्रों – तकनीकी, गैर-तकनीकी, प्रशासनिक – में पदों के लिए यह एक व्यापक प्लेटफॉर्म साबित हुआ। मुख्यमंत्री का सीधा स्पर्श: प्रेरणा का क्षण जब मुख्यमंत्री स्वयं मंच से उतरकर युवाओं के बीच गए और उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपे, तो यह एक अविस्मरणीय दृश्य था। इस एक कार्य ने सरकार और...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का ऐलान: निर्यात में 25% का उछाल, 'आत्मनिर्भर भारत' की मज़बूत नींव

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नमस्कार दोस्तों! भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक बेहद सकारात्मक और उत्साहवर्धक ख़बर सामने आई है। केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व ओलंपियन कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि  वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत का निर्यात, वर्ष 2022-23 की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक रहा है।  यह आँकड़ा सिर्फ़ एक संख्या नहीं, बल्कि 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। इस बढ़त के मायने क्या हैं? वैश्विक मान्यता:  यह वृद्धि दर्शाती है कि विश्व बाज़ार में 'मेक इन इंडिया' के ब्रांड की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ रही है। रोज़गार सृजन:  निर्यात बढ़ने से विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में नए रोज़गारों के अवसर पैदा होते हैं। अर्थव्यवस्था को मज़बूती:  निर्यात से आने वाली विदेशी मुद्रा देश की आर्थिक स्थिरता को और पुख़्ता करती है। विपरीत हालात में सफलता:  यह उपलब्धि उस समय आई है जब पूरी दुनिया आर्थिक मंदी और भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रही है। इससे भारत की आर्थिक लचीलापन साब...

सेवा, संवेदना और समर्पण: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने नए डॉक्टरों को दिया जीवन का मंत्र

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आज का दिन जयपुर के उन नवनिर्मित डॉक्टरों के लिए बेहद खास था, जिन्होंने वर्षों की कठिन मेहनत, त्याग और अनगिनत रातों की पढ़ाई के बाद अपनी मेडिकल डिग्री हासिल की। इस ऐतिहासिक पल पर राज्य सरकार के केबिनेट मंत्री और पूर्व ओलंपियन कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने न केवल उन्हें बधाई दी, बल्कि जीवन और सेवा के गहन मंत्र भी दिए। साथ ही, उन्होंने पूर्व सैनिक रोजगार परामर्श केंद्र 'रेक्सको' का भी शुभारंभ किया, जो देश के रक्षाकर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। शिक्षा का सफर और गर्व का पल: कर्नल राठौड़ ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही छात्रों के संघर्ष को सराहा। उन्होंने कहा, "आपके सबके लिए बहुत बड़ा दिन है... मैं आसानी से समझ सकता हूं कि आप लोगों का स्कूली शिक्षा से लेकर यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा होगा। गजब की पढ़ाई की है आपने।" ये शब्द हर उस छात्र-अभिभावक के दिल को छू जाते हैं, जो इस मुकाम तक पहुंचने के लिए जद्दोजहद करते हैं। वर्तमान में जीने का दर्शन: कर्नल राठौड़ ने जीवन के प्रति अपने दर्शन को साझा करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि वह वर्तमान में जीने मे...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: राजस्थान के निर्यात में 10% की शानदार वृद्धि, औद्योगिक प्रगति का नया अध्याय

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राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत सरकार द्वारा जारी वर्ष 2025-26 के निर्यात आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान ने निर्यात के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इन आंकड़ों को राज्य सरकार की नीतियों की एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है। 📊 आंकड़ों की जुबानी: राजस्थान की प्रगति राज्य के निर्यात में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है, जो निम्नलिखित आंकड़ों से स्पष्ट है: छह महीने की वृद्धि: अप्रैल से अक्टूबर 2024 में जहां राज्य का कुल निर्यात ₹52,673.94 करोड़ था, वहीं अप्रैल से अक्टूबर 2025 में यह बढ़कर ₹58,029.33 करोड़ हो गया है। यह सीधे तौर पर 10 प्रतिशत की वृद्धि है। दो वर्षों का रिकॉर्ड: वर्ष 2022-23 में कुल निर्यात ₹77,771.37 करोड़ था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर ₹97,171.68 करोड़ पहुँच गया है। यह लगभग 25 प्रतिशत की भारी वृद्धि को दर्शाता है। 🚀 इन नीतियों ने बदली तस्वीर कर्नल राठौड़ के अनुसार, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने ...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की कलम से: महान क्रांतिकारी अमर शहीद सरदार उधम सिंह जी की जयंती पर विशेष

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आदरणीय पाठकगण, आज का दिन भारतीय इतिहास के एक ऐसे सूर्य को याद करने का दिन है, जिसकी किरणों ने अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिला दी थी। आज हम सब भारत माता के उस अमर सपूत, महान क्रांतिकारी और प्रतिशोध की प्रतिमूर्ति  सरदार उधम सिंह जी  की जयंती मना रहे हैं। इस पावन अवसर पर, मैं कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, उनके त्याग, बलिदान और अटूट देशभक्ति को कोटि-कोटि नमन करता हूं। सरदार उधम सिंह का जीवन एक ऐसी गाथा है, जो बताती है कि एक व्यक्ति का दृढ़ संकल्प इतिहास का रुख कैसे बदल सकता है। 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड ने न केवल सैकड़ों निर्दोष भारतीयों का खून बहाया, बल्कि एक युवा उधम सिंह के मन में औपनिवेशिक अत्याचार के प्रति प्रतिशोध की अमिट ज्वाला भी जला दी। उन्होंने उस दिन प्रतिज्ञा ली थी कि वह इस नरसंहार के मुख्य जिम्मेदार, माइकल ओ'ड्वायर से न्याय लेकर रहेंगे। और फिर 21 साल की लंबी, कष्टप्रद यात्रा के बाद, 1940 में लंदन के कैक्सटन हॉल में उन्होंने वह ऐतिहासिक कार्य किया, जिसने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि भारत की आज़ादी की आकांक्षा को दबाया नहीं जा सकता। उनकी गिरफ्तारी और बाद में फांसी ने ...