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कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की मंत्री कन्हैया लाल जी से महत्वपूर्ण मुलाकात — राजस्थान के विकास पर गहन चर्चा

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  राजस्थान की राजनीति में एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने माननीय कैबिनेट मंत्री श्री कन्हैया लाल जी से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक मिलन नहीं थी — यह राजस्थान के भविष्य और प्रदेश की जनता के कल्याण को लेकर एक गहरी, सार्थक चर्चा का अवसर बनी। राजस्थान के विकास पर केंद्रित रही बातचीत दोनों नेताओं के बीच राजस्थान के समग्र विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। जनकल्याण की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास की खाई को पाटने , और राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के विषयों पर दोनों नेताओं ने अपने-अपने विचार साझा किए। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने सेना में अपने अनुशासन और नेतृत्व के अनुभव को राजनीतिक दृष्टि से जोड़ते हुए ऐसे सुझाव प्रस्तुत किए जो जमीनी स्तर पर बदलाव लाने में सहायक हो सकते हैं। पेयजल व्यवस्था — सबसे जरूरी मुद्दा राजस्थान एक अर्ध-शुष्क प्रदेश है जहाँ पेयजल की उपलब्धता हमेशा से एक गंभीर चुनौती रही है। इस बैठक में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों पर विशेष ...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – झोटवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया के लिए बड़ी सौगात, 9.32 KM सड़क निर्माण की घोषणा

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  नमस्कार दोस्तों, झोटवाड़ा के उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने झोटवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर क्षेत्र के लिए 3 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण की घोषणा की है। कुल 9.32 किलोमीटर लंबी इन सड़कों से इंडस्ट्रियल ग्रोथ को नई गति मिलेगी और आवागमन अधिक सुगम होगा। कौन-सी सड़कें होंगी विकसित? सड़क लंबाई भांकरोटा से सिरसी टाउन 5.29 KM सिरसी टाउन से बिंदायका टाउन होते हुए सिरसी रोड 2.43 KM सिरसी टाउन से खाटीपुरा सिरसी रोड (सिरसी–हाथोज रोड) 1.60 KM क्यों है यह घोषणा खास? झोटवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया राजस्थान के औद्योगिक मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है । रीको द्वारा हाल ही में यहाँ बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए 15.96 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं । इसी कड़ी में कर्नल राठौड़ ने सड़क निर्माण का यह बड़ा कदम उठाया है। बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से: माल ढुलाई में आसानी होगी समय की बचत होगी नए उद्योगों का आगमन बढ़ेगा स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे कर्नल राठौड़ का संकल्प कर्नल राठौड़ ने कहा...

'दिल मांगे मोर' के उद्घोषक: कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान दिवस पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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  जयपुर/नई दिल्ली। कारगिल युद्ध (Kargil War) के अमर नायक और भारतीय सेना के जांबाज अफसर, परमवीर चक्र (PVC) विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा जी के सर्वोच्च बलिदान दिवस पर पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है। इस गौरवपूर्ण और भावुक अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने देश के इस महान सपूत को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। अदम्य साहस और देशभक्ति की मिसाल कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कैप्टन विक्रम बत्रा के शौर्य को याद करते हुए अपने संदेश में कहा: "कारगिल युद्ध के अमर नायक, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा जी के सर्वोच्च बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि। मातृभूमि की रक्षा में आपका अद्वितीय साहस, अदम्य पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान देशवासियों को सदैव राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यपरायणता और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।" 'शेरशाह' की अमर गाथा कैप्टन विक्रम बत्रा, जिन्हें सेना में कोड नेम 'शेरशाह' दिया गया था, उन्होंने पॉइंट 5140 और पॉइंट 4875 की चोटियों को दुश्मनों के चंगुल से छुड़ाने में जो वीरता दिखाई, वह ...

बाबू जगजीवन राम जी को श्रद्धांजलि — सामाजिक न्याय के अमर योद्धा

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  भारतीय राजनीति और सामाजिक आंदोलन के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं जो केवल पदों के कारण नहीं, बल्कि अपने जीवन के संघर्ष, त्याग और समर्पण के कारण अमर हो जाते हैं। बाबू जगजीवन राम जी ऐसे ही एक महान व्यक्तित्व थे। आज उनकी पुण्यतिथि पर, मैं — कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ — इस महान आत्मा को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। एक संघर्षशील जीवन की शुरुआत बाबू जगजीवन राम जी का जन्म 5 अप्रैल 1908 को बिहार के चंदवा गाँव में हुआ था। वे एक ऐसे समाज में पले-बढ़े जहाँ जाति के आधार पर भेदभाव, शोषण और अपमान रोज़मर्रा की वास्तविकता थी। लेकिन इन परिस्थितियों ने उन्हें तोड़ा नहीं — बल्कि एक अदम्य सेनानी का निर्माण किया। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और कलकत्ता विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करते हुए उन्होंने सामाजिक असमानता के विरुद्ध अपनी आवाज़ बुलंद करना शुरू किया। शिक्षा को उन्होंने अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया — और इसी हथियार से वे आजीवन लड़ते रहे। सामाजिक न्याय के अथक योद्धा बाबू जगजीवन राम जी केवल एक राजनेता नहीं थे — वे सामाजिक न्याय के एक जीवंत आंदोलन थे। उन्होंने दलितों, पिछड़ों, ...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – मातृशक्ति की प्रणेता लक्ष्मीबाई केलकर जी को शत-शत नमन

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  नमस्कार दोष्टों, आज हम बात करेंगे एक ऐसी विभूति की, जिन्होंने नारी शक्ति को संगठित करने और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने का काम किया। लक्ष्मीबाई केलकर जी , राष्ट्र सेविका समिति की संस्थापिका और मातृशक्ति संगठन की अग्रणी विचारक, का आज जन्म-जयंती है। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। लक्ष्मीबाई केलकर जी – राष्ट्र सेविका समिति की संस्थापिका लक्ष्मीबाई केलकर जी ने 1936 में राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना की थी। उनका उद्देश्य महिलाओं को संगठित करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था। कर्नल राठौड़ ने क्या कहा? कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा: "राष्ट्र सेविका समिति की संस्थापिका, मातृशक्ति संगठन की प्रणेता और प्रखर राष्ट्रवादी विचारक पूज्य लक्ष्मीबाई केलकर जी की जन्म-जयंती पर असंख्य नमन।" उन्होंने आगे कहा: "महिला शक्ति की जागृति, संगठन, सामाजिक समरसता और राष्ट्र सेवा के प्रति आपका समर्पित जीवन सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।" मातृशक्ति – महिला सशक्तिकरण की प्रेरणा केलकर जी का जीवन महिला...

महाराजा मानसिंह जी की पुण्यतिथि पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि: "वे वीरता और देशभक्ति के प्रतीक थे"

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  जयपुर। आमेर (जयपुर) के महान और पराक्रमी शासक महाराजा मानसिंह जी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने उन्हें कोटि-कोटि नमन किया है। कर्नल राठौड़ ने महाराजा मानसिंह जी को भारतीय इतिहास में शौर्य, वीरता और अटूट देशभक्ति का एक अनुपम प्रतीक बताया। शौर्य और वीरता की अनूठी मिसाल कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने अपने संदेश में महाराजा मानसिंह जी के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा: "शौर्य, वीरता और देशभक्ति के प्रतीक, आमेर के महान शासक महाराजा मानसिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि। उनका पराक्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।" कला और संस्कृति के संरक्षक ब्लॉग में यह उल्लेख करना भी प्रासंगिक है कि महाराजा मानसिंह जी केवल एक महान योद्धा ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने आमेर के स्थापत्य, कला और संस्कृति को समृद्ध करने में भी ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। आमेर का विश्वप्रसिद्ध वैभव उनकी दूरदर्शिता की गवाही देता है। #MaharajaManSingh #ColRajyavardhanRathore #Amer #Jaipur #RajasthanHistory #Ra...

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को कोटि-कोटि नमन

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  कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की कलम से भारतीय जनसंघ के संस्थापक, महान राष्ट्रवादी विचारक और युगपुरुष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जन्म जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। वे केवल एक राजनेता नहीं थे — वे एक विचार थे, एक आंदोलन थे, एक ऐसी चेतना थे जिसने भारत माता की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। एक असाधारण जीवन की असाधारण यात्रा 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में जन्मे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति का पद संभाला — और इस पद को उन्होंने केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का माध्यम बनाया। वे मानते थे कि शिक्षा ही राष्ट्र की नींव है । उनके कुलपतित्व में कलकत्ता विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक उत्कर्ष के नए कीर्तिमान स्थापित किए। उन्होंने शिक्षा को अंग्रेजी मानसिकता की जंजीरों से मुक्त कर भारतीय मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया। राजनीति में प्रवेश — राष्ट्र की पुकार पर डॉ. मुखर्जी ने राजनीति में प्रवेश किसी सत्ता की लालसा से नहीं, बल्कि राष्ट्र की पुकार पर किया। वे नेहरू मंत्रिमंडल में उद्योग मंत...