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कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: राजस्थान के जोतवाड़ा से एक शौर्य और सेवा की गाथा

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राजस्थान, जिसकी माटी में वीरता और बलिदान की गाथाएँ समाई हैं, आज भी ऐसे अमर सपूतों को जन्म देती है जो देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं। ऐसे ही एक जीवंत नायक हैं   कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ । जोतवाड़ा, जयपुर की इस धरा ने इस वीर योद्धा को पैदा किया है, जिनका जीवन प्रेरणा और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है। एक सैन्य अधिकारी के तौर पर कर्नल राठौड़ ने न सिर्फ देश की सीमाओं की रक्षा में अपना योगदान दिया, बल्कि उनकी पहचान एक ऐसे जमीनी नेता के रूप में भी है जो अपने क्षेत्र और समाज से गहरा जुड़ाव रखते हैं। उनका व्यक्तित्व सैन्य अनुशासन और सामाजिक संवेदनशीलता का अनूठा मेल है। जोतवाड़ा से गहरा नाता: जोतवाड़ा के लिए कर्नल राठौड़ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि गर्व की एक मूर्ति हैं। यह क्षेत्र, जो राजधानी जयपुर का एक सक्रिय और महत्वपूर्ण हिस्सा है, अक्सर विकास और बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियों से जूझता रहा है। ऐसे में एक स्थानीय नेता के रूप में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उनकी सोच में इस इलाके के विकास, युवाओं के लिए अवसर और सामाजिक उत्थान की स्पष्ट रूपरेखा दिखाई देती है। एक सैनिक का ...

आपणो अग्रणी राजस्थान: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के नेतृत्व में विकसित राजस्थान का नया संकल्प

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राजस्थान की वीर धरा अब शौर्य के साथ-साथ सुशासन और औद्योगिक क्रांति की नई गाथा लिख रही है। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के विजन 'आपणो अग्रणी राजस्थान' का उद्देश्य राज्य को हर क्षेत्र—चाहे वह उद्योग हो, खेल हो, या युवा सशक्तिकरण—में देश का सिरमौर बनाना है। 🚀 औद्योगिक क्रांति और निवेश कर्नल राठौड़ का मानना है कि राजस्थान में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। 'आपणो अग्रणी राजस्थान' अभियान के तहत: लाल फीताशाही का अंत: अब फाइलें दफ्तरों में अटकती नहीं, बल्कि विकास के लिए दौड़ती हैं। सिंगल विंडो क्लीयरेंस: उद्यमियों के लिए प्रक्रियाओं को इतना सरल बना दिया गया है कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर सच्चाई है। 🌾 किसान और युवा: प्रगति के दो स्तंभ तकनीकी खेती: किसानों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर मंडी कनेक्टिविटी से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने का लक्ष्य है। युवा शक्ति और स्किलिंग: AI, सेमीकंडक्टर और नई तकनीकों के माध्यम से राजस्थान के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है। 🏆 खेल और पर्यटन क...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ और जैन दर्शन: संयम से जीवन शैली तक, एक सार्वभौमिक प्रेरणा

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कुछ क्षण जीवन में ऐसे आते हैं जो सिर्फ एक स्मृति नहीं, बल्कि आत्मा को झकझोर देने वाली एक शिक्षा बन जाते हैं। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के जीवन पर आधारित प्रेरक कहानियों और जैन दर्शन के सूत्रों के बीच बैठकर मुझे ऐसा ही एक पावन अवसर प्राप्त हुआ। जैन दर्शन कोई सिर्फ दार्शनिक चर्चा का विषय नहीं है। यह एक  जीवंत विचारधारा  है। यह वह पथ है जो संयम भी सिखाता है और एक संपूर्ण  जीवन शैली  भी प्रदान करता है। अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांतवाद के सिद्धांत मात्र व्यक्तिगत साधना तक सीमित नहीं हैं। ये ऐसे सार्वभौमिक मूल्य हैं जो पूरे देश, समाज और विश्व को शांति, संतुलन और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखा सकते हैं। यह दर्शन हमें सिखाता है कि सच्ची शक्ति आक्रामकता में नहीं, बल्कि आत्म-नियंत्रण में निहित है – ठीक वैसे ही जैसे एक सैनिक की वास्तविक वीरता युद्ध के मैदान और आत्म-संयम दोनों में प्रकट होती है। इसी ज्ञान के प्रकाश में,  परम पूज्य आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर महाराज जी के आशीर्वचनों  को सुनने का अवसर प्राप्त हुआ। उनके एक-एक शब्द में जीवन का सार समाहित था – सरलता में गहराई, संयम...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: बच्चों की मुस्कान में छिपा है "विकसित झोटवाड़ा" का भविष्य

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झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। माननीय विधायक और कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने आज के दिन को किसी औपचारिक मीटिंग के नाम नहीं, बल्कि क्षेत्र के नन्हे-मुन्ने बच्चों के नाम किया। इस मुलाकात में सिर्फ चर्चाएं नहीं हुईं, बल्कि बच्चों के साथ मुस्कानें और खुशियों की ताल भी मिलीं। ✨ सिर्फ बातें नहीं, आत्मीय संवाद कर्नल राठौड़ का मानना है कि #ViksitJhotwara का सपना तब तक अधूरा है जब तक हमारी आने वाली पीढ़ी सशक्त और खुशहाल न हो। बच्चों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने: उनकी मासूम जिज्ञासाओं के जवाब दिए। खेल और शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं (जैसे ओपन जिम और आधुनिक स्कूल) पर बात की। 🚀 विकसित झोटवाड़ा का विज़न झोटवाड़ा में पिछले कुछ समय में हुए विकास कार्य—चाहे वो सड़कों का चौड़ीकरण हो या स्मार्ट क्लासरूम—इन सबका केंद्र हमारे बच्चे ही हैं। कर्नल राठौड़ ने कहा कि बच्चों का आत्मविश्वास और उनकी खिलखिलाहट ही इस बात का प्रमाण है कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं। निष्कर्ष: जब नेतृत्व बच्चों के साथ जमीन पर...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – परीक्षा पे चर्चा में PM मोदी का संदेश: ज़िंदगी से दोस्ती करो!

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आज का दिन राजस्थान के पीएम श्री स्कूल, मीनावाला में विद्यार्थियों के लिए एक ऐतिहासिक पल लेकर आया। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘परीक्षा पे चर्चा 26’ के माध्यम से न सिर्फ बच्चों, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के मन की उलझनों को भी सुलझाया। लेकिन सबसे गहरा संदेश क्या था? “परीक्षा नहीं, ज़िंदगी से दोस्ती करो।” यह एक वाक्य ही पूरे चिंता और दबाव के बादल को छांटने के लिए काफी है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि हमारा अंतिम लक्ष्य 90% या 95% अंक हासिल करना नहीं है। अंक तो एक पड़ाव हैं, मंज़िल नहीं। असली मंज़िल है एक  आत्मविश्वासी और संतुलित इंसान  बनना। जब हम जीवन से दोस्ती कर लेते हैं, तो परीक्षा सिर्फ एक चुनौती बनकर रह जाती है, एक अनुभव बनकर रह जाती है। डर और तनाव का विषय नहीं रह जाता। कर्नल राठौड़ के नेतृत्व में इस स्कूल के बच्चों ने आज यही सीखा – कि सफलता का पैमाना केवल रिपोर्ट कार्ड पर लाल अंक नहीं, बल्कि चेहरे पर एक मुस्कान और मन में एक अडिग विश्वास है। आज का यह कार्यक्रम सिर्फ एक संवाद नहीं था, बल्कि ज...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: राजनीति से परे, जब बच्चों के साथ मिलीं मुस्कानें और ताल!

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  जयपुर: अक्सर हम नेताओं को गंभीर भाषण देते या फाइलों में डूबा देखते हैं, लेकिन राजस्थान के उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। बच्चों के बीच पहुँचकर उन्होंने न केवल अपनी उपलब्धियां साझा कीं, बल्कि उनके साथ एक आत्मीय रिश्ता भी जोड़ा। सिर्फ संवाद नहीं, एक अनुभव कर्नल राठौड़ ने अपने हालिया दौरे के बारे में दिल को छू लेने वाली बात कही— "आज बच्चों के साथ सिर्फ बातें नहीं हुईं, मुस्कानें और ताल भी मिलीं।" यह वाक्य दर्शाता है कि बच्चों के साथ उनका जुड़ाव केवल औपचारिक नहीं था। उन्होंने छात्रों के साथ ठहाके लगाए, उनके सपनों को सुना और उन्हें प्रोत्साहित किया। मुस्कानों के पीछे का मकसद जब एक ओलंपिक पदक विजेता और सेना के कर्नल बच्चों के बीच होते हैं, तो प्रेरणा का स्तर अलग ही होता है। सीख और खेल: उन्होंने बच्चों को बताया कि सफलता के लिए अनुशासन और खेल भावना उतनी ही जरूरी है जितनी कि पढ़ाई। तनाव मुक्त वातावरण: परीक्षा के दबाव के बीच, कर्नल राठौड़ की उपस्थिति ने बच्चों को तनाव मुक्त किया। तालियों की गूँज ने साबित किया कि बच्चे उन्हें केवल एक ...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के शब्दों में, परमवीर चक्र विजेता नायक यदुनाथ सिंह जी को पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि

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आज का दिन भारतीय सैन्य इतिहास के एक अमर चेहरे, परमवीर चक्र से सम्मानित नायक यदुनाथ सिंह जी की पुण्यतिथि का दिन है। उनके अद्वितीय शौर्य और अंतिम सांस तक मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने की गाथा, प्रत्येक भारतीय के हृदय में देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित करती है। नायक यदुनाथ सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ था। १९४८ के भारत-पाक युद्ध के दौरान, नौशेरा सेक्टर में जब उनकी पलटन पर भारी गोलाबारी हो रही थी और तीनों सेक्शन कमांडर शहीद हो गए, तब नायक यदुनाथ सिंह ने अदम्य साहस का परिचय दिया। अकेले ही उन्होंने आगे बढ़कर दुश्मन के मशीनगन नेस्ट पर हमला किया और उसे नष्ट कर दिया। इस कार्यवाही में वे बुरी तरह घायल हो गए, किंतु उन्होंने अपनी पलटन का नेतृत्व जारी रखा और दुश्मन की तीन क्रमिक हमलों को नाकाम करते हुए अद्भुत वीरता प्रदर्शित की। अपनी अंतिम सांस तक वह मोर्चे पर डटे रहे। उनके इस असाधारण बलिदान, नेतृत्व और पराक्रम के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार, 'परमवीर चक्र' प्रदान किया गया। आज, जब हम उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन करते हैं, तो कर्न...