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आसलपुर जोबनेर को मिली बड़ी सौगात: लीलन एक्सप्रेस के नए ठहराव से क्षेत्र को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने साझा की खुशी

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  जोबनेर/जयपुर। आसलपुर जोबनेर और आस-पास के क्षेत्र के निवासियों के लिए आज का दिन एक उत्सव जैसा रहा। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही बड़ी मांग को पूरा करते हुए जैसलमेर-जयपुर लीलन एक्सप्रेस का आसलपुर जोबनेर स्टेशन पर नया ठहराव (Stoppage) शुरू हो गया है। इस ऐतिहासिक और शुभ अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह ने स्थानीय निवासियों के बीच पहुंचकर इस खुशी को साझा किया। कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत कार्यक्रम के दौरान कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने रेलवे अधिकारियों, रेल कर्मियों और स्थानीय नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा: "यह ठहराव इस क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि जयपुर और जैसलमेर जैसे महत्वपूर्ण शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी का सीधा लाभ हमारे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और छात्रों को मिलेगा।" मुख्य बिंदु: लंबे समय की मांग हुई पूरी: क्षेत्र के लोगों द्वारा लंबे समय से इस ट्रेन के स्टॉपेज की मांग की जा रही थी। ...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: छायावाद के महानायक सुमित्रानंदन पंत को शत्-शत् नमन

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  हिंदी साहित्य के आकाश में सुमित्रानंदन पंत जी एक ऐसा चमकता सितारा हैं, जिनकी रोशनी आज भी हर साहित्य प्रेमी के मन को आलोकित करती है। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित उनकी अमर कृति 'चिदंबरा' और छायावादी युग में उनके अवदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी जयंती पर हम उन्हें शत्-शत् नमन करते हैं। लेकिन इस ब्लॉग का उद्देश्य केवल साहित्य का इतिहास दोहराना नहीं है, बल्कि एक अनोखे संयोग को सलाम करना है। जहां एक ओर कवि पंत जी हैं, वहीं दूसरी ओर आधुनिक भारत के एक ओजस्वी योद्धा – कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ । राज्यवर्धन राठौड़ साहित्यकार नहीं हैं, लेकिन वे उसी धरती के सपूत हैं, जिस धरती ने पंत जी जैसा कोमल कंठ दिया। जहां पंत जी ने प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन किया, वहीं कर्नल राठौड़ ने उसी प्रकृति के बीच दुश्मनों की गोलियों का सामना किया। ओलंपिक में भारत के लिए शूटिंग में रजत पदक जीतने वाले कर्नल राठौड़ सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक हैं। जब हम पंत जी के प्रकृति-प्रेम को पढ़ते हैं, तो लगता है मानो कर्नल राठौड़ ने उसी प्रकृति की गोद में खड़े होकर देश की रक्षा की सौगं...

समस्या से समाधान तक: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की पहल पर झोटवाड़ा में खुला पेयजल शिकायतों का 'ऑन-द-स्पॉट' समाधान शिविर

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  जयपुर, राजस्थान। भीषण गर्मी के इस दौर में जनता को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान न होना पड़े, इसी संकल्प के साथ झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में एक विशेष पेयजल समस्या समाधान शिविर (Water Solution Camp) का आयोजन किया गया। क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य 'बिना किसी देरी के त्वरित समाधान' सुनिश्चित करना था। जनता ने साझा की समस्याएं, प्रशासन ने तुरंत लिया एक्शन इस शिविर में क्षेत्र के नागरिकों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने सीधे अपनी पेयजल से जुड़ी दिक्कतें रखीं। पानी की किल्लत, गंदे पानी की आपूर्ति, लीकेज और कम प्रेशर जैसी पुरानी समस्याओं को कर्नल राठौड़ के निर्देशों के बाद बिना किसी लालफीताशाही के तुरंत दूर करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इन वार्डों को मिला सीधा लाभ (Covered Wards): यह समाधान शिविर व्यापक स्तर पर आयोजित किया गया था, जिसमें झोटवाड़ा के कुल 17 प्रमुख वार्डों को शामिल किया गया: वार्ड संख्या: 48, 49, 50, 51, 52, 53, 54, 55, 56, 57, 58, 59, 60, 61, 62, 63, और ...

बोबास की मंडी से: मुस्कान, भरोसा और अपनों का प्यार

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  हाल ही में, मैं बोबास की स्थानीय मंडी में गया। चहल-पहल, ग्राहकों की आवाज़ें, दुकानदारों की तेजी से चलती उंगलियाँ... लेकिन इस बार कोई राजनीतिक सभा नहीं थी, कोई जोरदार नारेबाजी नहीं थी। बस एक छोटी सी दुकान के बाहर कुछ कुर्सियाँ लगीं, और मैं वहाँ जाकर बैठ गया। साथ बैठे थे – दुकानदार, पास की दुकानों पर काम करने वाले युवा, कुछ बुजुर्ग और थोड़ी दूर पर बैठी एक माँ अपने बच्चे के साथ। बातचीत की शुरुआत चाय के कपों के साथ हुई। यह कोई फॉर्मल इंटरव्यू नहीं था। यह बस "अपनों के बीच बैठकर सुनने का एक पल" था। किसी ने सड़क के गड्ढे की शिकायत की, किसी ने बिजली की, तो किसी ने बस इतना कहा, "बस आप यूँ ही आते रहो, सुनते रहो। बस यही चाहिए।" और उन चेहरों पर जो मुस्कान थी, जो भरोसा था... वह किसी भी नारे या भाषण से ज्यादा बड़ा है। वह सबसे बड़ी ताकत है, जो कहती है – सही रास्ते पर चलते रहो। हो सकता है कि कोई बड़ा ऐलान न हो, कोई बड़ी तस्वीर न आए। लेकिन बोबास की उस गर्मी और धूल में, जो स्नेह मिला, वह मेरे लिए सबसे बड़ी जीत है। अपनों का प्यार ही सबसे बड़ी प्रेरणा है।

झोटवाड़ा का ऐतिहासिक कायाकल्प: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को लगे पंख

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  झोटवाड़ा, जयपुर। किसी भी क्षेत्र का संपूर्ण विकास तभी संभव है जब वहां की बुनियादी सुविधाएं—शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार—मजबूत हों। इसी विजन के साथ झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक और कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ क्षेत्र को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन-रात प्रयासरत हैं। झोटवाड़ा के इतिहास में पहली बार धरातल पर उतरे ये 4 बड़े ऐतिहासिक कार्य इस बात का प्रमाण हैं कि अब यहाँ केवल वादे नहीं, बल्कि सीधा काम हो रहा है: झोटवाड़ा को मिली पहली बार ये बड़ी सौगातें: सैटेलाइट अस्पताल (Satellite Hospital): क्षेत्रवासियों को अब बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए दूर नहीं भागना पड़ेगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह एक बड़ा और क्रांतिकारी कदम है। कालवाड़ महाविद्यालय (Kalwad Mahavidyalaya): स्थानीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए अब लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं होगी। घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सपना सच हुआ है। बसेड़ी में अत्याधुनिक कृषि मंडी: हमारे किसान भाइयों की समृद्धि के लिए बसेड़ी में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट कृषि मंडी का निर्माण ...

बोबास स्टेशन पर ठहरी खुशियाँ: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने साझा की जनता की खुशी

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  कोरोना काल के बाद लंबे इंतजार के बाद, आखिरकार वह दिन आ ही गया जब जयपुर-फुलेरा शटल ट्रेन ने बोबास रेलवे स्टेशन पर रुकना शुरू कर दिया है। इस निर्णय से पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। जनता के साथ खुशी साझा करते हुए: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इस अवसर पर कहा कि कोरोना काल के बाद इस सेवा की बहाली के बाद, उन्होंने इस खुशी को क्षेत्र के निवासियों और उनके परिवारों के साथ साझा किया। यह ट्रेन अब प्रतिदिन बोबास स्टेशन पर रुकेगी, जिससे आम जनता को बड़ी सुविधा मिलेगी। परिवार जैसा रिश्ता: कर्नल राठौड़ ने कहा, "जयपुर ग्रामीण की जनता से मेरा रिश्ता वर्षों पुराना, घनिष्ठ और एक परिवार जैसा है।" उन्होंने इस नई सुविधा के लिए सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। भावनात्मक जुड़ाव: बोबास रेलवे स्टेशन पर उपस्थित लोगों की चेहरे पर जो चमक थी, वह इस छोटे से ठहराव के बड़े महत्व को दर्शाती है। यह सिर्फ एक ट्रेन का ठहराव नहीं, बल्कि एक उम्मीद और विकास की नई इबारत है।

देश को पेट्रियटिज्म का ‘ISO सर्टिफिकेट’ नहीं चाहिए – कर्नल राज्यवर्धन राठौड़

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  कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का हालिया बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, गृहमंत्री अमित शाह जी या राहुल गांधी जी से देशभक्ति का 'ISO सर्टिफिकेट' लेने की कोई जरूरत नहीं है। देश की जनता ने अपनी रिपोर्ट कार्ड बहुत पहले जारी कर दी है, और यह रिपोर्ट कार्ड राहुल गांधी जी ने भी देख लिया होगा। कभी देश सिर्फ घोटालों के लिए हेडलाइन बनता था: जब इनके (कांग्रेस) परिवार की सत्ता थी, तब देश 2G, सबमरीन स्कैम, हेलिकॉप्टर स्कैम जैसे घोटालों से सुर्खियों में रहता था। उस दौर में नीतिगत पक्षाघात (Policy Paralysis) था, भ्रष्टाचार चरम पर था, और नेतृत्व अनिर्णायक था। स्थिति यह थी कि संवैधानिक शक्ति रखने वालों के पास राजनीतिक अधिकार नहीं थे, और राजनीतिक अधिकार रखने वालों के पास कोई जवाबदेही नहीं थी। और आज का भारत... आज डिजिटल कनेक्टिविटी हर गाँव तक पहुँच रही है। आज युवा स्टार्टअप क्रिएटर बन रहे हैं। आज इनोवेशन में निवेश हो रहा है। आज अभूतपूर्व गति से इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। आज भारत डिफेंस और सिक्योरिटी में आत्मनिर्भरता की ओर बढ...