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जनता के बीच कैबिनेट मंत्री: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की 'वॉक और वार्ता' – समस्याओं का मौके पर समाधान

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  जयपुर। लोकतंत्र की असली खूबसूरती तब निखर कर आती है जब जनप्रतिनिधि एसी कमरों से बाहर निकलकर सीधे जनता के बीच पहुँचते हैं। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इसी भावना को चरितार्थ करते हुए जयपुर में 'वॉक और वार्ता' (Walk and Talk) कार्यक्रम के माध्यम से आमजन से सीधा संवाद किया। क्या है 'वॉक और वार्ता' पहल? कर्नल राठौड़ अक्सर सुबह के समय या अपने दौरे के दौरान पैदल चलकर स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों से मिलते हैं। इस पहल का उद्देश्य बिना किसी औपचारिक बाधा के जनता की समस्याओं को सुनना और प्रशासन तक पहुँचाना है। संवाद के मुख्य बिंदु: बुनियादी ढांचा: सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर जनता की राय ली। विकास कार्यों का फीडबैक: झोटवाड़ा और जयपुर में चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर स्थानीय लोगों से चर्चा की। त्वरित निर्देश: संवाद के दौरान मिली शिकायतों पर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। निष्कर्ष: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का यह सरल और सुलभ अंदाज उन्हें एक 'जन-नेता' के रूप में स्थ...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ - कनकपुरा कंटेनर डिपो शिफ्टिंग से लेकर करोड़ों के रेलवे प्रोजेक्ट्स तक, वैष्णव-राठौड़ मुलाक़ात में लिए गए कई बड़े फैसले

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  जयपुर। राजस्थान की सियासत और विकास की रफ्तार में हाल ही में एक अहम मोड़ आया है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ (जयपुर ग्रामीण से सांसद) और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच हुई हाई-प्रोफाइल मुलाकात ने कई अटकलों को विराम दे दिया है। यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि कनकपुरा (Kanakpura) के विवादित कंटेनर डिपो से लेकर सैकड़ों करोड़ के रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर तक, कई बड़े फैसलों की शुरुआत है। कनकपुरा कंटेनर डिपो : जनता की मुराद हुई पूरी? सबसे बड़ी खबर कनकपुरा इलाके को लेकर आई है। लंबे समय से इस क्षेत्र के लोग कंटेनर डिपो को हटाने की मांग कर रहे थे। इस डिपो के कारण आवागमन में परेशानी, धूल और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि  इस डिपो को तत्काल प्रभाव से शिफ्ट किया जाएगा।  कर्नल राठौड़ ने इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए रेल मंत्री को अवगत कराया, जिस पर सकारात्मक सहमति बनी। करोड़ों के रेलवे प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी सिर्फ डिपो ही नहीं, बल्कि जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के लिए कई बड़ी सौगातें भी तय हुईं: नए रूट का सर्वे:  कई ग्रामीण...

मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का 'पार्क संवाद' – वैशाली नगर में मॉर्निंग वॉक के साथ सुनी जनसमस्याएं

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जयपुर। लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती जनता और जन-प्रतिनिधि के बीच सीधा संवाद है। इसी कड़ी में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री और झोटवाड़ा विधायक कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने एक नई और सराहनीय पहल की है। नर्सरी पार्क में जन-सुनवाई दिनांक 08 अप्रैल 2026 को सुबह 6:45 बजे कर्नल राठौड़ वैशाली नगर के वार्ड संख्या 54 में स्थित नर्सरी पार्क पहुँचे। यहाँ उन्होंने केवल मॉर्निंग वॉक ही नहीं की, बल्कि क्षेत्र के आमजन से सीधे रूबरू होकर उनके अभाव-अभियोग (समस्याएं) सुने। विधायक कोष से विकास की सौगात इस मुलाकात के दौरान मंत्री राठौड़ ने क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि वार्ड 54 की मूलभूत सुविधाओं को विधायक कोष (MLALAD) के माध्यम से प्राथमिकता के साथ सुधारा जाएगा। पार्कों के रखरखाव से लेकर सड़कों और ड्रेनेज जैसी समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल निर्देश दिए गए। निष्कर्ष: इस प्रकार के सीधे संवाद से न केवल समस्याओं का त्वरित निस्तारण होता है, बल्कि जनता में सरकार के प्रति विश्वास भी बढ़ता है। #Jaipur #VaishaliNagar #ColRajyavardhanRathore #RajasthanPolitics ...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ आमजन से रू-ब-रू होंगे – सुबह 6:45 बजे वैशाली नगर में मॉर्निंग वॉक के दौरान सुनेंगे समस्याएं

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जयपुर। खबरें अब नए अंदाज में। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ एक अनोखी पहल करने जा रहे हैं। वे सीधे नागरिकों के बीच जाएंगे, लेकिन इस बार ऑफिस में बैठकर नहीं, बल्कि सुबह की ताजगी भरी सैर के दौरान। कब और कहां? मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़  कल सुबह 6:45 बजे  जयपुर के  वैशाली नगर, वार्ड 54 स्थित नर्सरी पार्क  में उपस्थित रहेंगे। यह मौका है आमजन के लिए अपनी बात सीधे मंत्री तक पहुंचाने का। क्या होगा खास? मॉर्निंग वॉक:  मंत्री महोदय पार्क में स्थानीय लोगों के साथ सुबह की सैर करेंगे। इस दौरान माहौल औपचारिकताओं से हटकर बेहद सहज रहेगा। समस्याएं सुनना:  पार्क में मौजूद कोई भी नागरिक अपनी क्षेत्रीय समस्या (सड़क, पानी, बिजली, सफाई आदि) सीधे मंत्री जी को बता सकेगा। घोषणाएं:  यह सिर्फ सुनवाई तक सीमित नहीं रहेगा। कर्नल राठौड़  विधायक कोष  से तत्काल विकास कार्यों की घोषणा करेंगे। यानी वादे नहीं, बल्कि काम की शुरुआत मौके पर ही। क्यों है यह अहम? आमतौर पर नेता लोग कार्यालय में बैठकर समस्याएं सुनते हैं या फिर भव्य रैलियो...

सुबह की सैर और जनसंवाद: जब वैशाली नगर के नर्सरी पार्क में आमजन के बीच पहुंचे कर्नल राज्यवर्धन राठौड़

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जयपुर | 09 अप्रैल 2026 झोटवाड़ा के विधायक और कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का एक अलग ही अंदाज आज जयपुर के वैशाली नगर में देखने को मिला। अक्सर विधानसभा और सरकारी बैठकों में व्यस्त रहने वाले मंत्री राठौड़ आज सुबह-सुबह वैशाली नगर के वार्ड 54 स्थित नर्सरी पार्क पहुंचे। मॉर्निंग वॉक, योग और बैडमिंटन मंत्री राठौड़ केवल औपचारिकता के लिए वहां नहीं गए थे, बल्कि उन्होंने आम नागरिकों के साथ मॉर्निंग वॉक की, योग किया और बैडमिंटन की पिच पर भी हाथ आजमाए। पार्क में मौजूद लोग अपने बीच अपने जनप्रतिनिधि को इतना सहज और सक्रिय पाकर बेहद उत्साहित नजर आए। जनता के अभाव-अभियोग और विकास का संकल्प पार्क में टहलते हुए मंत्री राठौड़ ने स्थानीय निवासियों की समस्याओं और अभाव-अभियोगों को धैर्यपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को त्वरित समाधान के संकेत देते हुए जनता को आश्वस्त किया: "क्षेत्र में विकास की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकास के विजन को साकार करेंगे।" निष्कर्ष: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का यह 'पार्क संवाद' दर्शाता है कि वे ...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के साथ "चाय पे बैठक" – झोटवाड़ा में जनता की आवाज़ बनी दिशा

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नमस्ते दोस्तों, आज की ब्लॉग पोस्ट थोड़ी हटकर है, क्योंकि ये किसी अखबार की खबर नहीं, बल्कि एक अनुभव है। कुछ दिनों पहले झोटवाड़ा (Jhotwara) में एक अनोखी पहल देखने को मिली –  "चाय पे बैठक" । इस बैठक की अगुवाई कर रहे थे  कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ । ये कोई भव्य सेमिनार नहीं था, न ही कोई रैली। बल्कि, ये एक साधारण सी चाय की अड्डे पर हुई गहन विचार-विमर्श की बैठक थी। सबके सुझाव, सबकी भागीदारी: इस बैठक की सबसे खास बात ये रही कि कर्नल साहब ने मंच से भाषण नहीं दिया, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं। झोटवाड़ा के लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं – होर्डिंग्स से लेकर सड़कों के गड्ढों तक, पानी की समस्या से लेकर सफाई व्यवस्था तक। साथ मिलकर तय की दिशा: सबसे अच्छी बात ये लगी कि वहां सिर्फ शिकायतें ही नहीं सुनी गईं, बल्कि  समाधान की दिशा  भी तय की गई। कर्नल राठौड़ ने हर सुझाव को गंभीरता से लिया और जनता के साथ मिलकर एक रोडमैप बनाया। ये "मैं ठीक करूंगा" वाली राजनीति नहीं थी, बल्कि  "हम मिलकर करेंगे"  वाली सोच थी। मिलकर विकास की ओर: झोटवाड़ा के लोग अब ये महसूस कर रहे हैं...

सीआरपीएफ शौर्य दिवस: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने वीर जवानों के अदम्य साहस को किया नमन

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  जयपुर। 9 अप्रैल का दिन भारतीय सैन्य इतिहास में अदम्य साहस और वीरता का प्रतीक है। इस अवसर पर 'सीआरपीएफ शौर्य दिवस' (CRPF Valour Day) के गौरवमयी पर्व पर उद्योग मंत्री एवं पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने देश के वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। वीरता की महान गाथा कर्नल राठौड़ ने अपने संदेश में कहा: "सीआरपीएफ शौर्य दिवस पर, राष्ट्र कर्तव्य की अग्रिम पंक्ति में हमारे बहादुर जवानों के अटूट समर्पण और निर्भीक भावना को नमन करता है। उनके बलिदान और साहस पर हमें गर्व है।"🫡 क्यों मनाया जाता है शौर्य दिवस? 9 अप्रैल 1965 को कच्छ के रण में स्थित 'सरदार पोस्ट' पर सीआरपीएफ की एक छोटी सी टुकड़ी ने पाकिस्तानी ब्रिगेड के हमले को न केवल नाकाम किया था, बल्कि दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। एक पुलिस बल द्वारा इतनी बड़ी सैन्य टुकड़ी को हराना वीरता की एक दुर्लभ मिसाल है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, जो स्वयं सैन्य पृष्ठभूमि से आते हैं, हमेशा से ही सशस्त्र बलों के मनोबल को बढ़ाने और उनके योगदान को जन-जन तक पहुँचाने के समर्थक रहे हैं। #CRPFValourDa...