कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: वीरों के संग गूंजा रणघोष - "जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल"
भारतीय सेना की वीरता की अमर गाथाएं सिर्फ किताबों में कैद नहीं हैं, बल्कि आज भी उन बटालियनों की रगों में बहती हैं जो देश की सरहदों की रक्षा करती हैं। हाल ही में, राजस्थान के योद्धा और हमारे प्रेरणास्त्रोत कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जी को एक अविस्मरणीय सम्मान प्राप्त हुआ। उन्हें भारतीय सेना की सबसे भयानक और बहादुर बटालियनों में से एक, द ग्रेट सिख रेजिमेंट का हिस्सा बनने का अवसर मिला। इतिहास के पन्नों से: केसरी की कहानी आपने मेरे मित्र अक्षय कुमार की फिल्म केसरी देखी होगी? वह महज एक फिल्म नहीं, बल्कि सिख रेजिमेंट की अद्वितीय बहादुरी की सच्ची कहानी थी। सारागढ़ी का वह युद्ध, जहां 21 सिख सैनिकों ने हजारों अफगानी आक्रमणकारियों से लोहा लिया, आज भी दुनिया की सबसे बड़ी अंतिम लड़ाइयों (Last Stands) में गिना जाता है। उसी रेजिमेंट के युद्धघोष के साथ अब कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की आवाज भी गूंजी है। रणघोष में शामिल हुई नई आवाज कर्नल साहब ने हाल ही में इस रेजिमेंट के जांबाजों संग वक्त बिताया। उनकी मुलाकात उन असली हीरोज से हुई जो बिना कैमरे की फ्लैशलाइट के रोज मौत से मुठभेड़ करते हैं। उन्होंने ए...