कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ : सुबह 7:30 बजे की ड्रिल, ग्राउंड इंस्पेक्शन और फौरी एक्शन – एक अनुशासन की क्लास
नमस्कार दोस्तों, आजकल सोशल मीडिया पर एक नाम खूब सुर्खियाँ बटोर रहा है – कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ । ये कोई राजनेता या ब्यूरोक्रेट नहीं, बल्कि सेना के उसी स्कूल ऑफ थॉट के प्रतिनिधि हैं, जहाँ अनुशासन, पंचुअलिटी और एक्शन एक ही सिक्के के तीन पहलू हैं। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट बताती है कि कर्नल राठौड़ सुबह 7:30 बजे अपने अधिकारियों के साथ ड्रिल करते हैं। ये कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संस्कार है। आइए समझते हैं उनके इस रूटीन के तीन प्रमुख स्तंभ: 1. सुबह 7:30 बजे – ऑफिसर्स के साथ ड्रिल सुबह का वक्त सबसे ताज़ा होता है। कर्नल राठौड़ का मानना है कि जो सुबह 7:30 तक ग्राउंड पर नहीं उतरता, वो टीम को लीड नहीं कर सकता। ये ड्रिल सिर्फ शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि मानसिक तत्परता की परीक्षा है। 2. ग्राउंड इंस्पेक्शन – हर चीज़ बारीकी से ड्रिल के बाद होता है ग्राउंड इंस्पेक्शन । यहाँ कोई चपरासी या क्लर्क नहीं, बल्कि खुद कर्नल राठौड़ हर कोने, हर उपकरण और हर रुकावट को चेक करते हैं। उनके लिए "जमीनी हकीकत" ही असली रिपोर्ट है। 3. ऑन-स्पॉट फीडबैक और फास्ट एक्शन सबसे खास बात – ऑन-स्पॉट फीडबैक । वो ...