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कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – पोषण का पावर-प्ले: राजस्थान के खिलाड़ियों को मिलेगा इंटरनेशनल स्तर का आहार

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  नमस्कार दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि एक अंतरराष्ट्रीय पदक और चौथे स्थान के बीच क्या फर्क होता है? अक्सर यह फर्क होता है – पोषण । सही प्रशिक्षण के साथ सही आहार न मिले तो प्रतिभा भी अधूरी रह जाती है। अब कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस कमी को दूर करने के लिए राजस्थान में एक ऐतिहासिक पहल की है। राजस्थान के खिलाड़ियों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा । क्यों है पोषण इतना महत्वपूर्ण? एथलीटों के लिए भोजन सिर्फ भूख मिटाने का जरिया नहीं, बल्कि ईंधन है। जैसे एक कार को अच्छे पेट्रोल की जरूरत होती है, वैसे ही एक एथलीट के शरीर को सही पोषण की। शोध बताते हैं कि भारतीय खिलाड़ियों का आहार अक्सर अंतरराष्ट्रीय मानकों से कम होता है, खासकर प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, और आयरन के मामले में । कर्नल राठौड़, जो खुद ओलंपिक रजत पदक विजेता रहे हैं, यह बात अच्छी तरह समझते हैं। नई आहार योजना की खासियत राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद ने पहली बार खिलाड़ियों के लिए विशेष आहार योजना लागू की है : खासियत विवरण शाकाहारी विकल्प पनीर, विभिन्न दालें, मल्टीग्रेन रोटियाँ, मौसमी सब्जियाँ ...

पोषण का पावर प्ले: कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की बड़ी पहल, राजस्थान की खेल अकादमियों में पहली बार लागू हुआ इंटरनेशनल स्तर का 'वैज्ञानिक डाइट प्लान'

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  जयपुर। राजस्थान के खेल जगत में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हुई है। प्रदेश के खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की अनूठी पहल पर राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद ने अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों के लिए पहली बार एक पूर्णतः वैज्ञानिक एवं संतुलित आहार व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य हमारे उभरते खिलाड़ियों की फिटनेस, त्वरित रिकवरी और ऑन-फील्ड प्रदर्शन को इंटरनेशनल स्तर पर ले जाना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की सफलता के लिए विश्वस्तरीय पोषण खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इस ऐतिहासिक फैसले पर बात करते हुए कहा: "अगर हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करनी है, तो विश्वस्तरीय ट्रेनिंग के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक पोषण (Nutrition) भी बेहद आवश्यक है। खेल पोषण विशेषज्ञों (Sports Nutritionists) की देखरेख में तैयार इस डाइट चार्ट को प्रदेश की सभी आवासीय खेल अकादमियों में तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है।" क्या है खिलाड़ियों का नया 'पावर' मेन्यू? शाकाहारी (Veg) और मांसाहारी (Non-Veg) खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान म...

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस: एक तस्वीर में भारत के गौरव के क्षण

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  आज अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस है — और कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने एक ऐसी तस्वीर साझा की जो हर भारतीय के दिल को गर्व से भर देती है। एक फ्रेम में भारत के ओलंपिक नायक कर्नल राठौड़ का एक सवाल — "इस तस्वीर में आप कितने ओलंपिक पदक विजेताओं को पहचान सकते हैं?" — सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं है। यह भारत के संघर्ष, पसीने और समर्पण की कहानी है। हर चेहरे के पीछे सालों की मेहनत, त्याग और देश के लिए जीतने का जज्बा छुपा है। ओलंपिक दिवस का महत्व 23 जून 1948 को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की शुरुआत हुई थी। इसका उद्देश्य था खेल, स्वास्थ्य और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना। आज यह दिवस दुनिया के 160 से अधिक देशों में मनाया जाता है। भारत और ओलंपिक: एक बदलती तस्वीर #FitIndia और #KheloIndia जैसे अभियानों ने भारतीय खेलों को जमीनी स्तर पर मजबूत किया है। आज भारत के युवा खिलाड़ी वैश्विक मंच पर न केवल भाग ले रहे हैं बल्कि पदक भी जीत रहे हैं। कर्नल राठौड़ जैसे नेता जो खुद ओलंपिक रजत पदक विजेता हैं — इस यात्रा को और अर्थपूर्ण बनाते हैं। #InternationalOlympicDay ...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – कर्नाटक केसरी जगन्नाथराव जोशी जी को शत-शत नमन

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  नमस्कार दोस्तों, आज हम एक ऐसे महान व्यक्तित्व को याद कर रहे हैं, जिन्होंने अपना सारा जीवन मातृभूमि की सेवा में समर्पित कर दिया। श्री जगन्नाथ राव जोशी जी – भारतीय जनसंघ के स्तंभ, अद्भुत वक्ता और गोवा मुक्ति संग्राम के महानायक। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने उनकी जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। कौन थे जगन्नाथराव जोशी? 23 जून 1920 को कर्नाटक के नरगुंड में जन्मे जगन्नाथराव जोशी एक ऐसे नेता थे, जिनकी पहचान सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं थी । उनकी वाक्पटुता और संगठन क्षमता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दिलाई। वे हिंदी, अंग्रेजी, कन्नड़ और मराठी सहित कई भाषाओं में पारंगत थे, जिससे वे देश के हर कोने में अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सकते थे । गोवा मुक्ति संग्राम – अदम्य साहस की मिसाल स्वतंत्रता के बाद भी गोवा पुर्तगालियों के अधीन था। 23 जून 1955 को, अपने 35वें जन्मदिन पर, जोशी जी ने सैकड़ों संघ और जनसंघ कार्यकर्ताओं के साथ गोवा की ओर कूच किया । जब उन्हें बिना परमिट गोवा में प्रवेश करने पर गिरफ्तार किया गया, तो उन्होंने अदालत में शेर की तरह दहाड़ते हुए कहा: "...

महेश नवमी के पावन पर्व पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने दी हार्दिक शुभकामनाएं: "हर जीवन में आए सुख और समृद्धि"

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  जयपुर। माहेश्वरी समाज के उत्पत्ति दिवस और आस्था के प्रतीक महेश नवमी के शुभ अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने समस्त देशवासियों और समाज बंधुओं को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। भगवान महेश और माता पार्वती का मिले आशीर्वाद कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इस पवित्र दिन के महत्व को रेखांकित करते हुए सभी के कल्याण की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा: "पावन पर्व महेश नवमी की आप सभी को आत्मीय शुभकामनाएं। देवाधिदेव भगवान महेश और जगत जननी माता पार्वती की असीम अनुकंपा से आप सभी का जीवन अटूट सुख, समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य से परिपूर्ण हो।" सांस्कृतिक धरोहर और समाज का योगदान कर्नल राठौड़ ने हमेशा भारतीय संस्कृति और त्योहारों के मूल तत्वों को संजोने पर बल दिया है। महेश नवमी का यह पर्व हमें त्याग, तपस्या और समाज कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। माहेश्वरी समाज द्वारा राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सरोकारों में दिया जाने वाला योगदान अत्यंत सराहनीय है। मंत्री राठौड़ ने अपने संदेश का समापन देवों के देव महादेव के जयघोष के स...

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: राष्ट्र की एकता के अमर प्रहरी को कोटि-कोटि नमन

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  राष्ट्र की एकता और अखंडता के वीर प्रहरी, भारतीय जनसंघ के श्रद्धेय संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इस पावन अवसर पर डॉ. मुखर्जी के बलिदान और संघर्ष को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एक ऐसा व्यक्तित्व जिसने राष्ट्र को सर्वोपरि माना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं थे — वे एक द्रष्टा, विचारक और राष्ट्रभक्त थे जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। जब देश विभाजन की पीड़ा से उबर रहा था, तब डॉ. मुखर्जी ने अपनी दूरदर्शिता से यह समझा कि एक राष्ट्र, एक संविधान और एक निशान ही भारत की असली पहचान है। कश्मीर के लिए अद्वितीय संघर्ष उनका सबसे ऐतिहासिक संघर्ष था — कश्मीर की पूर्ण एकता के लिए उनका आंदोलन। जब जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के तहत अलग परमिट व्यवस्था लागू थी, तब डॉ. मुखर्जी ने यह नारा दिया: "एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान — नहीं चलेंगे, नहीं चलेंगे।" इसी संघर्ष के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी। 1953 में श्रीनगर में रहस्य...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: जयपुर में योग का महाकुंभ, "योग फॉर हेल्दी एजिंग" का संदेश

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  नमस्कार दोस्तों, 21 जून 2026 – पूरी दुनिया में योग का पर्व मनाया गया, लेकिन जयपुर में यह दिन किसी महाकुंभ से कम नहीं था। राजस्थान की राजधानी के कई ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित स्थानों पर भव्य योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ , जो राजस्थान सरकार में खेल एवं उद्योग मंत्री हैं, ने पाट्रिका गेट पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सभी प्रतिभागियों को योग प्रतिज्ञा दिलाई। जयपुर के ऐतिहासिक स्थलों पर योग इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम थी – "योग फॉर हेल्दी एजिंग" (स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग)। इस थीम को सार्थक करने के लिए जयपुर के निम्नलिखित स्थानों पर योग शिविर आयोजित किए गए: स्थान विशेषता सवाई मान सिंह स्टेडियम खेल प्रेमियों और युवाओं की भागीदारी अल्बर्ट हॉल ऐतिहासिक धरोहर के बीच योगाभ्यास पाट्रिका गेट मुख्य कार्यक्रम – कर्नल राठौड़ की उपस्थिति जल महल मानसरोवर झील के किनारे सुबह की योग साधना आमेर फोर्ट पहाड़ियों की गोद में सैकड़ों लोगों का सामूहिक योग पाट्रिका गेट पर मुख्य कार्यक्रम पाट्रिका गेट पर आयोजित कार्यक्रम विशेष रूप से आकर्षण का ...