कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का मिशन झोटवाड़ा: विकास कार्यों की समीक्षा और 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश
झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र को एक 'मॉडल विधानसभा' बनाने का संकल्प केवल फाइलों तक सीमित नहीं है। माननीय विधायक और मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने हाल ही में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेना और आने वाली बाधाओं को तुरंत दूर करना था।
📍 समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु
बैठक के दौरान कर्नल राठौड़ ने विकास की कड़ियों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए:
समयबद्धता (Timeliness): जो कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुणवत्ता सर्वोपरि (Quality Control): सड़कों, जल जीवन मिशन के कार्यों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण में सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
जनता की सहूलियत: निर्माण कार्यों के दौरान आम जनता को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए अधिकारियों को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए।
अंतिम छोर तक विकास: वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों के उन हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया गया जहाँ बुनियादी ढांचे में अभी और सुधार की आवश्यकता है।
जवाबदेही तय करना ही प्राथमिकता
कर्नल राठौड़ ने अधिकारियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं समय-समय पर जमीनी स्तर पर जाकर कार्यों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेंगे।
निष्कर्ष: यह समीक्षा बैठक दर्शाती है कि कर्नल राठौड़ केवल विजनरी नेता ही नहीं, बल्कि एक सजग प्रशासक भी हैं जो काम की बारीकियों और जवाबदेही पर पैनी नजर रखते हैं।

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