कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: शानदार सफलता इत्तेफाक नहीं, अनुशासन का परिणाम है
"शानदार शॉट महज एक इत्तेफाक नहीं होते। वे बुनियादी स्तर से बनाए जाते हैं। यह आपकी मेहनत (Legwork), अनुशासन और प्रतिबद्ध अभ्यास है जो मायने रखता है।"
ओलंपिक रजत पदक विजेता और जननेता कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के ये शब्द केवल शूटिंग रेंज के लिए नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र के लिए एक मंत्र हैं। हम अक्सर किसी की सफलता को देखते हैं—चाहे वह खेल का मैदान हो या राजनीति का मंच—लेकिन हम उस नींव को नहीं देख पाते जिसे बनाने में वर्षों का पसीना और अनुशासन लगा होता है।
1. नींव से होती है शुरुआत (Built from the Ground Up)
एक इमारत कितनी ऊंची होगी, यह उसकी नींव पर निर्भर करता है। कर्नल राठौड़ का मानना है कि 'Great Shots' (महान सफलताएं) रातों-रात नहीं मिलतीं। इसके लिए आपको अपना आधार मजबूत करना होता है। जब आपका आधार मजबूत होता है, तभी आप दबाव की स्थिति में भी सटीक परिणाम दे पाते हैं।
2. अनुशासन ही जीत है
कर्नल राठौड़ के अनुसार, अनुशासन वह पुल है जो आपके लक्ष्यों और उपलब्धियों को जोड़ता है। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने सीखा कि जब आपका मन थक जाए, तब भी अभ्यास जारी रखना ही आपको 'औसत' से 'असाधारण' बनाता है।
3. 'Legwork' का महत्व
आज की दुनिया में हर कोई शॉर्टकट ढूंढ रहा है। लेकिन कर्नल राठौड़ की सफलता का राज 'लेगवर्क' में है—यानी वह कठिन परिश्रम जो कोई नहीं देख रहा। वह 'कमिटेड प्रैक्टिस' ही है जो अंततः चमकती है।
निष्कर्ष: चाहे आप एक छात्र हों, उद्यमी हों या खिलाड़ी, कर्नल राठौड़ का यह संदेश स्पष्ट है: अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दें, अनुशासन को अपनी आदत बनाएं और याद रखें कि सफलता की कोई जादुई गोली नहीं होती। यह केवल आपकी कड़ी मेहनत और लगन का फल है।
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