सेवा, संवेदना और समर्पण: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने नए डॉक्टरों को दिया जीवन का मंत्र
आज का दिन जयपुर के उन नवनिर्मित डॉक्टरों के लिए बेहद खास था, जिन्होंने वर्षों की कठिन मेहनत, त्याग और अनगिनत रातों की पढ़ाई के बाद अपनी मेडिकल डिग्री हासिल की। इस ऐतिहासिक पल पर राज्य सरकार के केबिनेट मंत्री और पूर्व ओलंपियन कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने न केवल उन्हें बधाई दी, बल्कि जीवन और सेवा के गहन मंत्र भी दिए। साथ ही, उन्होंने पूर्व सैनिक रोजगार परामर्श केंद्र 'रेक्सको' का भी शुभारंभ किया, जो देश के रक्षाकर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
शिक्षा का सफर और गर्व का पल:
कर्नल राठौड़ ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही छात्रों के संघर्ष को सराहा। उन्होंने कहा, "आपके सबके लिए बहुत बड़ा दिन है... मैं आसानी से समझ सकता हूं कि आप लोगों का स्कूली शिक्षा से लेकर यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा होगा। गजब की पढ़ाई की है आपने।" ये शब्द हर उस छात्र-अभिभावक के दिल को छू जाते हैं, जो इस मुकाम तक पहुंचने के लिए जद्दोजहद करते हैं।
वर्तमान में जीने का दर्शन:
कर्नल राठौड़ ने जीवन के प्रति अपने दर्शन को साझा करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि वह वर्तमान में जीने में विश्वास करते हैं। अतीत की यादों या भविष्य की चिंताओं में खोए रहने के बजाय, यह तय करना हमारे हाथ में है कि हम हर पल को कैसे जीते हैं। यही बात हमारी खुशी तय करती है।
एकाग्रता और लक्ष्य की महत्ता:
एक खिलाड़ी और सैनिक की अनुभवी नजर से उन्होंने युवा डॉक्टरों को सलाह दी कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना और उस पर एकाग्र रहना जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों के उदाहरण देते हुए समझाया कि मैदान में विचलित करने वाले कारकों की परवाह किए बिना अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए।
डॉक्टरी: सिर्फ पेशा नहीं, सेवा का भाव:
उन्होंने डॉक्टरों की जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में दवा सिर्फ एक छोटा हिस्सा है। असली महत्व इस बात का है कि आप मरीज से कैसे मिलते हैं, उसका इलाज कैसे करते हैं। शिक्षा और डिग्री के साथ जब सेवा, संवेदनशीलता और करुणा का समावेश होता है, तभी श्रेष्ठ चिकित्सा सेवा दी जा सकती है।
नई शुरुआत: रेक्सको
इस अवसर पर पूर्व सैनिक रोजगार परामर्श केंद्र 'रेक्सको' के शुभारंभ ने इस कार्यक्रम का महत्व और बढ़ा दिया। यह केंद्र देश के सम्मानित पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगा।
समापन:
कर्नल राठौड़ के शब्द न केवल नए डॉक्टरों के लिए, बल्कि हर पेशेवर और विद्यार्थी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका संदेश स्पष्ट है – कठिन मेहनत, वर्तमान पर फोकस, लक्ष्य के प्रति एकाग्रता और सेवा भाव ही सफल और सार्थक जीवन की नींव रखते हैं। नए डॉक्टरों और रेक्सको के माध्यम से पूर्व सैनिकों के लिए – दोनों ही क्षेत्रों में सेवा और समर्पण का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है।
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