कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में शूटिंग रेंज पर लौटे, कैडेट्स को दिया प्रेरणा का संदेश
नमस्कार दोस्तों,
6 अक्टूबर 2026 का दिन सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के लिए बेहद खास रहा। कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस स्कूल का दौरा किया और जनरल मांधाता शूटिंग रेंज पर कुछ शॉट लगाए ।
एक ओलंपियन और पूर्व सैन्य अधिकारी के रूप में, कर्नल राठौड़ के लिए यह पल भावनात्मक और प्रेरणादायक दोनों था।
शूटिंग रेंज पर लौटे कर्नल राठौड़
कर्नल राठौड़ ने सैनिक स्कूल की शूटिंग सुविधाओं का निरीक्षण किया और कैडेट्स के प्रशिक्षण व्यवस्था को परखा। उन्होंने कहा:
"बैक एट द रेंज। फोकस फील्स फैमिलियर! सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में कुछ शॉट लगाए और कैडेट्स के लिए ट्रेनिंग सुविधाओं का निरीक्षण किया। हमेशा खास होता है जब युवा प्रतिभाएं उस खेल को खोजती हैं जिसने मुझे इतना कुछ दिया है।"
कैडेट्स के साथ संवाद – जीवन के अनुभव साझा किए
कर्नल राठौड़ ने कैडेट्स के साथ सैन्य जीवन और ओलंपिक यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सेना में रहते हुए उन्हें खेलों से विशेष लगाव था और पासिंग आउट कोर्स में वे बेस्ट स्पोर्ट्समैन रहे ।
कैडेट्स को दिया यह महत्वपूर्ण संदेश:
"आपकी परिस्थितियां और स्थितियां आपका भविष्य तय नहीं करतीं, बल्कि उन परिस्थितियों में आपके निर्णय आपका भविष्य तय करते हैं।"
उन्होंने कहा कि जो करना है, उसके लिए स्वयं जिम्मेदारी उठानी चाहिए और सफलता या असफलता दोनों को स्वीकार करते हुए अपने प्रयास पर ध्यान देना चाहिए ।
ओलंपिक के अनुभव से सीख
कर्नल राठौड़ ने अपने ओलंपिक अनुभव को साझा करते हुए कहा कि फाइनल के दिन केवल अपनी प्रक्रिया पर ध्यान देना होता है। एक-एक शॉट पर फोकस करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ना ही सफलता का रास्ता है ।
उन्होंने कहा:
"छह वर्षों की मेहनत के बाद जब तिरंगा ऊपर उठा, तो वह मेरे जीवन का अविस्मरणीय क्षण था।"
सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ की शूटिंग सुविधाएँ
जनरल मांधाता शूटिंग रेंज का उद्घाटन 16 दिसंबर 2025 को विजय दिवस के अवसर पर किया गया था । यह 10 मीटर की आधुनिक एयर राइफल शूटिंग रेंज है जहाँ एक समय पर 10 कैडेट्स अलग-अलग पोजिशन में प्रैक्टिस कर सकते हैं ।
इस रेंज के बनने से कैडेट्स को अब बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्हें स्कूल परिसर में ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिल रहा है ।
अनुशासन और नेतृत्व पर जोर
विशेष सभा के दौरान कर्नल राठौड़ ने कैडेट्स को पढ़ने की आदत विकसित करने, संवाद कौशल बेहतर करने और टीम के साथ काम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गलतियों से सीखना आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण हिस्सा है ।
निष्कर्ष
सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का यह दौरा युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है। एक ओलंपियन और सैनिक का वहाँ पहुँचना, कैडेट्स के लिए यह संदेश है कि अगर आपके इरादे मजबूत हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
खेलो, सीखो, बढ़ो – यही कर्नल राठौड़ का संदेश है! 🇮🇳
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