जयपुर में AI और डिजिटल हेल्थ का महाकुंभ, कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ बोले – तकनीक से बदलेगी देश की हेल्थकेयर तस्वीर
जयपुर | राजस्थान
राजस्थान की राजधानी जयपुर एक बार फिर तकनीकी नवाचार और भविष्य की संभावनाओं का केंद्र बनी। महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (MGUMST), जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय ग्लोबल AI एंड डिजिटल हेल्थ समिट 2026 में देशभर के चिकित्सक, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शोधकर्ता, तकनीकी विशेषज्ञ और शिक्षाविद एक मंच पर जुटे।
टेलीमेडिसिन सोसाइटी ऑफ इंडिया (TSI) के राजस्थान चैप्टर द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने किया।
इस अवसर पर कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं के स्वरूप को तेजी से बदल रही हैं। तकनीक के माध्यम से चिकित्सा सुविधाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और आमजन के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकता है।
AI और डिजिटल तकनीक से मजबूत होगा स्वास्थ्य तंत्र
कर्नल राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत तकनीकी नवाचार के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित कर रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र भी इस परिवर्तन से अछूता नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बीमारी की शुरुआती पहचान, बेहतर जांच, मरीजों की निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन में महत्वपूर्ण सुधार संभव हैं।
उन्होंने आभा आईडी (ABHA ID) और ई-संजीवनी जैसी डिजिटल स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में बड़ी राहत मिल रही है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए टेलीमेडिसिन एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
300 से अधिक विशेषज्ञों ने किया भविष्य की चिकित्सा पर मंथन
30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में 300 से अधिक चिकित्सकों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, AI विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों की भागीदारी रही।
सम्मेलन में AI आधारित डायग्नोस्टिक्स, मेडिकल इमेजिंग, टेलीमेडिसिन, डिजिटल थेराप्यूटिक्स, प्रेडिक्टिव हेल्थकेयर, रोबोटिक्स, रिमोट पेशेंट मॉनिटरिंग और अस्पतालों के डिजिटल प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
इसके साथ ही AI आधारित हेल्थकेयर स्टार्टअप्स, तकनीकी नवाचारों और चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाओं को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
डॉक्टरों और तकनीक के बीच बेहतर तालमेल जरूरी
स्वास्थ्य सेवाओं में AI की बढ़ती भूमिका के बीच यह भी महत्वपूर्ण है कि तकनीक को चिकित्सकों के अनुभव और मानवीय संवेदनाओं के साथ जोड़ा जाए। AI डॉक्टरों को बेहतर जानकारी और निर्णय लेने में सहायता प्रदान कर सकता है, लेकिन मरीज के प्रति संवेदनशीलता, चिकित्सकीय अनुभव और मानवीय देखभाल का महत्व हमेशा बना रहेगा।
इसलिए भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जहां आधुनिक तकनीक और मानवीय चिकित्सा सेवा एक-दूसरे की पूरक बनें।
डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में भारत के लिए नए अवसर
ग्लोबल AI एंड डिजिटल हेल्थ समिट जैसे आयोजन भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और नए समाधान विकसित करने का अवसर मिलता है।
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का यह संदेश स्पष्ट है कि तकनीक का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिक के जीवन को सरल बनाना और उसे बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
जयपुर में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केवल AI और डिजिटल तकनीक पर चर्चा का मंच नहीं, बल्कि भविष्य की आधुनिक, सुलभ और तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
तकनीक जब चिकित्सा से जुड़ेगी, तो बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
By: Cabinet Minister, Rajasthan Government
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