राजस्थान ने रचा इतिहास: PM-SETU समझौता करने वाला देश का पहला राज्य बना, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का आईटीआई सुधार पर बड़ा कदम

 


जयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) का कायाकल्प करने और युवाओं को उद्योग-आधारित आधुनिक कौशल प्रदान करने की दिशा में एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की PM-SETU (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई) योजना के तहत राजस्थान, भारत सरकार और निजी भागीदार कंपनियों के बीच त्रिपक्षीय शेयरधारक समझौता (Shareholders' Agreement) निष्पादित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

राजस्थान के कौशल नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के कुशल नेतृत्व में यह सफलता प्राप्त हुई है।

भिवाड़ी आईटीआई क्लस्टर के लिए ₹241 करोड़ का निवेश

नई दिल्ली में आयोजित PM-SETU की राष्ट्रीय संचालन समिति की बैठक में राजस्थान के भिवाड़ी आईटीआई क्लस्टर के लिए ₹241 करोड़ की रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी दी गई।

  • हब-एंड-स्पोक मॉडल: राजकीय आईटीआई भिवाड़ी को 'मुख्य संस्थान' (Hub) बनाया गया है, जिसके साथ अलवर, नीमराना, तिजारा और किशनगढ़ बास की आईटीआई को 'सहयोगी संस्थान' (Spokes) के रूप में जोड़ा गया है।

  • क्या बदलेगा? आधुनिक लैब, इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन, नए दीर्घकालिक/अल्पकालिक उद्योग-आधारित कोर्स और एआई, ऑटोमोटिव व इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे भविष्य के ट्रेडों की शुरुआत होगी।

युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार

उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का मानना है कि केवल डिग्रियां देने के बजाय युवाओं को Skill-to-Employment पाइपलाइन से जोड़ना जरूरी है। PM-SETU योजना के माध्यम से राज्य के युवा सीधे औद्योगिक मांग के अनुरूप तैयार होंगे और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

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