कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – BRICS भारत इनोवेट्स एक्सपो: वैश्विक मंच पर भारत की नवाचार शक्ति
नमस्कार दोस्तों,
18वें BRICS शिखर सम्मेलन के ऐतिहासिक अवसर पर भारत मंडपम, नई दिल्ली में BRICS भारत इनोवेट्स एक्सपो का आयोजन किया गया। यह एक्सपो भारत की डीप-टेक नवाचार शक्ति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर साबित हुआ।
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ जैसे नेता, जो हमेशा आत्मनिर्भर भारत और नवाचार को बढ़ावा देने की बात करते हैं, इस पहल को भारत की तकनीकी क्रांति का प्रतीक मानते हैं।
भारत – वैश्विक समाधानों का केंद्र
आज भारत 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स और 120 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है । यह संख्या ही बताती है कि भारत अब सिर्फ सेवाओं का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक समाधानों का निर्माता बन रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा:
"2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स और 120 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ भारत आज ग्लोबल सॉल्यूशंस का हब बन रहा है। इसकी एक झलक आपको BRICS भारत इनोवेट्स एक्सपो में मिलेगी।"
BRICS भारत इनोवेट्स एक्सपो – क्या है खास?
शिक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस एक्सपो में भारत के 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स को प्रदर्शित किया गया । ये स्टार्टअप्स निम्नलिखित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं:
अंतरिक्ष तकनीक – Dhruva Space, GalaxEye
सेमीकंडक्टर – WiSig Networks, Vervesemi
क्वांटम कंप्यूटिंग – QpiAI
रोबोटिक्स – Unbox Robotics
स्वास्थ्य सेवा – Niramai (AI-आधारित कैंसर स्क्रीनिंग)
नवीकरणीय ऊर्जा – e-TRNL Energy, Lohum Clean Tech
यह एक्सपो BRICS बिजनेस फोरम के साथ आयोजित किया गया, जिससे भारतीय स्टार्टअप्स को BRICS देशों के CEO, निवेशकों और बिजनेस लीडर्स से सीधे जुड़ने का मौका मिला ।
भारत की नवाचार यात्रा – एक नज़र
| संकेतक | 2014 | 2026 |
|---|---|---|
| स्टार्टअप्स | 350-500 | 2 लाख+ |
| यूनिकॉर्न | 4 | 120+ |
| नौकरियाँ | सीमित | 21 लाख+ |
| टियर-2/3 शहरों से स्टार्टअप्स | बहुत कम | ~50% |
यह आँकड़े बताते हैं कि स्टार्टअप इंडिया पहल ने भारत को नौकरी मांगने वाले देश से नौकरी देने वाले देश में बदल दिया है ।
कर्नल राठौड़ का दृष्टिकोण
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ हमेशा डीप-टेक और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की बात करते हैं। उनका मानना है कि भारत को अब ऐप-आधारित स्टार्टअप्स से आगे बढ़कर हार्डवेयर, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक जैसे क्षेत्रों में काम करना होगा।
उनका संदेश स्पष्ट है:
"भारत का युवा अब केवल नौकरी नहीं ढूंढता, बल्कि नए उद्यम खड़े कर रहा है। BRICS जैसे मंच भारतीय नवाचार को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद करेंगे।"
निष्कर्ष
BRICS भारत इनोवेट्स एक्सपो ने साबित कर दिया कि भारत अब वैश्विक नवाचार की अगुवाई करने के लिए तैयार है। 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स का प्रदर्शन, वैश्विक निवेशकों से मुलाकात और तकनीकी साझेदारी – ये सब भारत को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में मजबूत कर रहे हैं।
नवाचार ही नई शक्ति है – और भारत इस शक्ति का केंद्र बन रहा है! 🇮🇳
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