कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – 'मन की बात' के 138वें संस्करण में प्रधानमंत्री मोदी का देशवासियों को संबोधन
नमस्कार दोस्तों,
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 27 सितंबर 2026, सुबह 11:00 बजे अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 138वें संस्करण में देशवासियों से संवाद किया। यह संवाद हर भारतीय के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत है।
कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी इस कार्यक्रम को जनता और कार्यकर्ताओं के साथ सुना और प्रधानमंत्री के विचारों को आत्मसात किया ।
'मन की बात' – जनता से जुड़ाव का सशक्त माध्यम
कर्नल राठौड़ का मानना है कि 'मन की बात' प्रधानमंत्री मोदी के आम लोगों के साथ गहरे जुड़ाव का केंद्र है। यह कार्यक्रम सद्भावना, सेवा-भावना और कर्तव्य-भावना को बढ़ावा देता है ।
उन्होंने कहा:
"निष्ठावान कार्यकर्ताओं और स्नेहिल जनता के साथ 'मन की बात' का सजीव प्रसारण सुनना, सदैव नई प्रेरणा देता है।"
138वें संस्करण की मुख्य बातें
इस बार के संस्करण में प्रधानमंत्री मोदी ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की :
1. सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ
प्रधानमंत्री ने 28-29 सितंबर 2016 की ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि भारत की आतंकवाद विरोधी नीति अब 'जीरो-टॉलरेंस' पर आधारित है। पहले आतंकी हमलों के बाद इंतजार होता था, अब निर्णायक जवाब दिया जाता है ।
2. जनगणना – राष्ट्रीय कर्तव्य
प्रधानमंत्री ने जनगणना को राष्ट्रीय कर्तव्य बताया। देश के सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में इसका पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है ।
3. स्वच्छता – बापू को सच्ची श्रद्धांजलि
2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता ही बापू को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने देशभर में चल रहे स्वच्छता अभियानों की सराहना की 。
4. नशा मुक्त युवा अभियान
प्रधानमंत्री ने 'नशा मुक्त युवा अभियान' का जिक्र किया, जो 100 हफ्तों तक चलेगा। देशभर के लाखों युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है 。
5. पर्यावरण संरक्षण
प्रधानमंत्री ने असम के सोनाई रूपाई वन्यजीव अभयारण्य का उदाहरण दिया, जहाँ हाथियों की वापसी हुई है। साथ ही पिग्मी हॉग के संरक्षण की सफलता का भी जिक्र किया 。
कर्नल राठौड़ का संदेश
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि 'मन की बात' जन-जन को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्र के उत्कर्ष की दिशा में उन्मुख करने का सशक्त माध्यम बना है ।
उन्होंने कहा:
"इस कार्यक्रम में हर देशवासी दूसरे देशवासी की प्रेरणा बनता है। 'मन की बात' का हर एपिसोड अगले एपिसोड के लिए जमीन तैयार करता है।"
निष्कर्ष
'मन की बात' सिर्फ एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता और प्रधानमंत्री के बीच सीधा संवाद का सेतु है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जैसे नेता इस कार्यक्रम को जनता के साथ सुनकर यह साबित करते हैं कि जनसेवा और राष्ट्रहित ही सर्वोपरि है।
जय हिंद! 🇮🇳

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