डॉ. डी. वाई. पाटिल जी को श्रद्धांजलि — एक युग का अंत
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ द्वारा
बिहार, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल, पद्म श्री से सम्मानित, और देश के महान शिक्षाविद् डॉ. डी. वाई. पाटिल जी के निधन का समाचार अत्यंत हृदयविदारक है।
डॉ. पाटिल जी का जीवन केवल एक व्यक्ति का जीवन नहीं था — वह एक संस्था थे। उन्होंने शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाने का संकल्प लिया। उनके द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थाओं ने लाखों युवाओं के जीवन को दिशा दी।
राज्यपाल के रूप में उनका योगदान भी अतुलनीय रहा। बिहार, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा — तीनों राज्यों में उन्होंने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करते हुए जन-कल्याण को सर्वोपरि रखा।
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनका दृष्टिकोण अद्वितीय था। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा को सुलभ और समावेशी बनाने के लिए अनथक प्रयास किए।
पद्म श्री से उनका सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं था — यह राष्ट्र की उस कृतज्ञता का प्रतीक था जो उन्होंने दशकों की सेवा से अर्जित की।
आज जब हम उन्हें विदा कर रहे हैं, तो मन में केवल एक भाव है — ऐसे महामानव बार-बार नहीं आते।
शोक संतप्त परिवार और समस्त शुभचिंतकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति 🙏
— कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
पूर्व केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार

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