1947 में स्वतंत्र भारत का सपना हुआ साकार, अब 2047 में बनाएंगे 'विकसित भारत': कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
जयपुर।
राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़
संभावनाओं से सिद्धियों का सफर
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने जिस गति से प्रगति की है, उसने दुनिया भर में देश का मान बढ़ाया है। जो देश कभी केवल 'संभावनाओं की भूमि' कहा जाता था, वह आज प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे, और आर्थिक नीतियों के बल पर 'उपलब्धियों का देश' बन चुका है।
विकसित भारत के 4 प्रमुख स्तंभ:
युवा और कौशल विकास (Youth & Skill Development): युवाओं को केवल शिक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य के उद्योगों के अनुरूप प्रासंगिक कौशल प्रदान करना आवश्यक है।
आत्मनिर्भरता और नवाचार (Atmanirbharta & Innovation): स्टार्ट-अप संस्कृति और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर देश को विनिर्माण और सेवाओं का वैश्विक केंद्र बनाना।
डिजिटल क्रांति और सुशासन (Digital Governance):
पारदर्शी, तेज़ और नागरिक-केंद्रित व्यवस्थाएँ बनाना, ताकि विकास की धारा अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सबका प्रयास (Collective Resolve): यह केवल सरकार की योजना नहीं है, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों का सामूहिक राष्ट्रीय कर्तव्य है।
"आजादी की शताब्दी (2047) जब देश मनाएगा, तब हमारा भारत न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और नवाचार के हर क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करेगा।"
— कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़
आइए, इस राष्ट्रीय महायज्ञ में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और एक सशक्त, समृद्ध एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
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