कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस : लोकतंत्र, पारदर्शिता और राष्ट्रनिर्माण का संकल्प


 नमस्कार दोस्तों,

हर साल 30 जून को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस मनाया जाता है। इस दिन की स्थापना 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के माध्यम से की गई थी । यह वही तारीख है, जब 1889 में इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) की स्थापना हुई थी

इस अवसर पर कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि हम सभी को लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्रनिर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त करने का संकल्प लेना चाहिए।

संसदीय दिवस का महत्व

यह दिन हमें याद दिलाता है कि संसदें लोकतंत्र के स्तंभ हैं, जहाँ नागरिकों की आवाज़ सुनी जाती है, मुद्दों पर बहस होती है और निर्णय कार्रवाई में बदलते हैं । एक कार्यशील लोकतंत्र में संसदें पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में केंद्रीय भूमिका निभाती हैं

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, "संसदें लोकतंत्र के स्तंभ, मानवाधिकारों की महत्वपूर्ण रक्षक और स्थानीय तथा वैश्विक मुद्दों को जोड़ने वाली हो सकती हैं"

कर्नल राठौड़ का संदेश – क्यों है खास?

कर्नल राठौड़ खुद एक पूर्व सांसद और वर्तमान में राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं । उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में जनसेवा को ही अपना ध्येय बनाया है। चाहे झोटवाड़ा में शहरी सेवा शिविर हो, खिलाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार योजना हो, या पार्कों में जनसंवाद – वे हमेशा जमीनी स्तर पर जनता के साथ रहे हैं

उनका यह संदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि:

  • वे संसदीय प्रणाली को अंदर से समझते हैं

  • उन्होंने खुद पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने काम में उतारा है

  • वे जनहित को हर निर्णय का केंद्र मानते हैं

हमारा संकल्प

इस अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस पर, हम सभी को संकल्प लेना चाहिए:

  • लोकतंत्र को मजबूत करना – चाहे वोट देकर हो, या जनसेवा में भाग लेकर

  • पारदर्शिता बढ़ाना – सरकारी कामकाज में खुलापन और ईमानदारी लाना

  • राष्ट्रनिर्माण में योगदान देना – अपनी-अपनी क्षमता से देश की तरक्की में हिस्सा लेना

निष्कर्ष

जैसा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा है, "यदि लोकतंत्र को फलना-फूलना है, तो संसदों को मजबूत, पारदर्शी, जवाबदेह और प्रतिनिधिक होना चाहिए"

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का संदेश इसी दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है – कि हम सब मिलकर लोकतंत्र, पारदर्शिता और राष्ट्रनिर्माण के इस पवित्र संकल्प को साकार करें।

#InternationalDayOfParliamentarism

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