कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – समाजसेवी श्री नंद किशोर गोयनका जी को विनम्र श्रद्धांजलि
नमस्कार दोस्तों,
आज का यह ब्लॉग एक दुखद समाचार को समर्पित है। पूर्व सांसद डॉ. सुभाष चंद्र जी के पूज्य पिता एवं वरिष्ठ समाजसेवी श्री नंद किशोर गोयनका जी का निधन एक ऐसी क्षति है, जिसे शब्दों में बयाँ करना मुश्किल है।
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस दुखद घड़ी में अपनी शोक संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।
कौन थे श्री नंद किशोर गोयनका जी?
श्री नंद किशोर गोयनका जी एक वरिष्ठ समाजसेवी थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। वे पूर्व सांसद डॉ. सुभाष चंद्र जी के पिता थे और अपनी सरलता, सौम्यता और सेवा भाव के लिए जाने जाते थे।
उन्होंने अपने जीवनकाल में:
समाज के कमजोर वर्गों की सेवा की
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान दिया
सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया
अपने सद्गुणों से सभी का दिल जीता
कर्नल राठौड़ ने क्या कहा?
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इस दुखद घड़ी में कहा:
"पूर्व सांसद डॉ. सुभाष चंद्र जी के पूज्य पिता एवं वरिष्ठ समाजसेवी श्री नंद किशोर गोयनका जी के निधन का समाचार अत्यंत हृदयविदारक है।"
उन्होंने आगे कहा:
"ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार एवं शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"
अंत में उन्होंने कहा – "ॐ शांति" 🙏
समाजसेवा का अद्वितीय उदाहरण
श्री नंद किशोर गोयनका जी का जीवन समाजसेवा का अद्वितीय उदाहरण था। उन्होंने कभी किसी को खाली हाथ नहीं लौटाया। उनकी सहृदयता और उदारता के किस्से आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
शोक का माहौल
उनका निधन न केवल डॉ. सुभाष चंद्र जी के परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज और व्यापार जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। गोयनका परिवार का नाम उद्योग, व्यापार और समाज सेवा में हमेशा सम्मान के साथ लिया जाता रहा है।
हमें क्या सीख मिलती है?
श्री नंद किशोर गोयनका जी का जीवन हमें सिखाता है:
जीवन का सच्चा अर्थ दूसरों की सेवा में है
सरलता और सौम्यता सबसे बड़े गुण हैं
समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी कभी खत्म नहीं होती
निष्कर्ष
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का इस दुखद घड़ी में परिवार के साथ खड़ा होना और अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करना उनकी संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकार को दर्शाता है।
श्री नंद किशोर गोयनका जी की आत्मा को सद्गति प्राप्त हो – यही प्रार्थना है।
ॐ शांति। 🙏

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