कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – जगतपुरा की आर्चरी रेंज बनेगी देश का अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र
नमस्कार दोस्तों,
राजस्थान में तीरंदाजी के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। जयपुर की विश्वस्तरीय आर्चरी रेंज को अब इंटरनेशनल आर्चरी एक्सीलेंस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। यह बड़ी घोषणा कैबिनेट मंत्री एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रथम एनटीपीसी नेशनल रैंकिंग आर्चरी टूर्नामेंट के समापन समारोह में की।
यह सेंटर भारतीय तीरंदाजी को एक नई दिशा देने का काम करेगा और ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप तथा एशियाई खेलों के लिए खिलाड़ियों को तैयार करेगा।
जगतपुरा में बनेगा एक्सीलेंस सेंटर
कर्नल राठौड़ ने बताया कि जगतपुरा स्थित शूटिंग रेंज आर्चरी अकादमी को देश का अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए राजस्थान सरकार और भारतीय तीरंदाजी संघ (Archery Association of India) के बीच जल्द एमओयू होगा।
75% खर्च उठाएगी राजस्थान सरकार
इस परियोजना की कुल लागत में:
75% – राजस्थान सरकार वहन करेगी
25% – भारतीय तीरंदाजी संघ वहन करेगा
यह सरकार की खेलों के प्रति गंभीरता को दर्शाता है, जहाँ वह खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ देने के लिए बड़ा निवेश करने को तैयार है।
क्यों है यह पहल महत्वपूर्ण?
कर्नल राठौड़ ने कहा:
"जयपुर की आर्चरी रेंज देश की बेहतरीन सुविधाओं में शामिल है। एक्सीलेंस सेंटर बनने के बाद यहां देशभर के शीर्ष तीरंदाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी।"
यह सेंटर:
ओलंपिक खेलों के लिए खिलाड़ियों को तैयार करेगा
विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों के लिए प्रशिक्षण देगा
देशभर के प्रतिभाशाली तीरंदाजों को आकर्षित करेगा
राजस्थान को खेलों के मानचित्र पर और मजबूत करेगा
प्रथम NTPC नेशनल रैंकिंग आर्चरी टूर्नामेंट के परिणाम
इस टूर्नामेंट के समापन पर विभिन्न वर्गों में पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। भारतीय तीरंदाजी संघ की ओर से घोषित नकद पुरस्कारों के चेक भी पदक विजेताओं को दिए गए।
सीनियर वर्ग:
| वर्ग | स्वर्ण | रजत | कांस्य |
|---|---|---|---|
| कंपाउंड पुरुष | साहिल राजेश जाधव (RSPV) | अमन सैनी (दिल्ली) | प्रियांश (दिल्ली) |
| कंपाउंड महिला | वैदेही हिराचंद्र जाधव (महाराष्ट्र) | कुमुद सैनी (दिल्ली) | धारा अमोल बिडकर (महाराष्ट्र) |
| रिकर्व पुरुष | नीरज चौहान (AIPSCB) | गौरव त्र्यंबक लाम्बे (RSPB) | तरुणदीप राय (सिक्किम) |
| रिकर्व महिला | सिमरनजीत कौर (पंजाब) | शरवरी सोमनाथ शेंडे (महाराष्ट्र) | तिशा पुनिया (RSPB) |
कर्नल राठौड़ का खेलों के प्रति विजन
कर्नल राठौड़ खुद एक ओलंपियन रहे हैं, इसलिए वे जानते हैं कि विश्वस्तरीय सुविधाएँ और अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण ही खिलाड़ियों को पदक दिला सकता है। यह एक्सीलेंस सेंटर उसी विजन का हिस्सा है।
निष्कर्ष
जगतपुरा की आर्चरी रेंग अब सिर्फ राजस्थान की नहीं, बल्कि पूरे देश की तीरंदाजी की धड़कन बनेगी। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ और राजस्थान सरकार की इस पहल से भारतीय तीरंदाजी को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी और देश को ओलंपिक में और अधिक पदक मिलने की उम्मीद है।
तीरंदाजी का यह सुनहरा सपना अब साकार हो रहा है! 🏹🇮🇳
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