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Showing posts from April, 2026

झोटवाड़ा विकास अपडेट: गिरधारीपुरा पंपिंग स्टेशन मुख्य मार्ग का कार्य युद्धस्तर पर जारी

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  जयपुर। झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को जलभराव और खराब सड़कों की समस्या से निजात दिलाने के लिए उद्योग मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के नेतृत्व में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में गिरधारीपुरा पंपिंग स्टेशन (Girdharipura Pumping Station) मुख्य मार्ग पर निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। स्थायी समाधान की ओर कदम कर्नल राठौड़ ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जिन क्षेत्रों में जल निकासी की समस्या के कारण सड़कें बार-बार क्षतिग्रस्त होती हैं, वहां स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गिरधारीपुरा क्षेत्र में चल रहा यह कार्य इसी विजन का हिस्सा है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को सुगम आवाजाही की सुविधा मिलेगी। प्रमुख विशेषताएं: गुणवत्ता पर जोर: निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। समयबद्धता: कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जनता को जल्द राहत मिले। बेहतर कनेक्टिविटी: इस मुख्य मार्ग के बनने से आस-पास की कॉलोनियों की मुख्य सड़क से कनेक...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ - महाराणा प्रताप रोड कार्य प्रगति पर है 🛣️

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जयपुर के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए एक बड़ी खबर है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जी के प्रयासों से महाराणा प्रताप रोड का निर्माण कार्य अब तेज गति से प्रगति पर है। यह सड़क झोटवाड़ा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। लंबे समय से लोगों को जाम और खस्ताहाल सड़कों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब, विकास की नई लहर आ चुकी है। क्या हो रहा है? महाराणा प्रताप रोड पर भारी मशीनरी लगी है। सड़क को चौड़ा और मजबूत बनाया जा रहा है। इससे झोटवाड़ा से आवागमन और आसान हो जाएगा। लोगों का कीमती समय बचेगा और यातायात की समस्या भी कम होगी। क्यों है ये खास? कनेक्टिविटी:  यह रोड झोटवाड़ा को अन्य प्रमुख इलाकों से जोड़ता है। समय की बचत:  अब लोगों को आने-जाने में उतनी परेशानी नहीं होगी। विकास की ओर कदम:  यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि झोटवाड़ा के समग्र विकास का प्रतीक है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जी हमेशा कहते हैं कि "विकास ही हमारा एजेंडा है" और यह सड़क उसी का जीता-जागता उदाहरण है। उनके लगातार प्रयासों और सरकार के सहयोग से यह प्रोजेक्ट अब पूरा होने की ओर है। आइए, इस विकास कार्य की प्रशंसा करें और जल्द ही ...

असम के चाय बागानों से पीएम मोदी की खास तस्वीरें: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने साझा किया 'straight from the tea gardens' संदेश

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  जयपुर/गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी और प्रकृति के प्रति उनके प्रेम की तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रहती हैं। हाल ही में पीएम मोदी की असम यात्रा के दौरान चाय बागानों के बीच बिताए गए उनके कुछ यादगार पलों को उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बेहद खास अंदाज में साझा किया है। प्रकृति के करीब प्रधानमंत्री कर्नल राठौड़ ने प्रधानमंत्री की तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा— "Straight from the tea gardens of #Assam 🫰" । इन तस्वीरों में प्रधानमंत्री असम की हरियाली और वहां के मेहनतकश चाय श्रमिकों के बीच सहज भाव से नजर आ रहे हैं। असम की संस्कृति और विकास का संगम कर्नल राठौड़ का यह संदेश न केवल प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत जुड़ाव को दर्शाता है, बल्कि असम के गौरव (चाय उद्योग) को वैश्विक मंच पर प्रमोट भी करता है। कर्नल राठौड़ अक्सर प्रधानमंत्री के विजन और उनके द्वारा भारतीय संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते रहे हैं। असम के चाय बागान न केवल भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि ये हमारी सांस्कृतिक पहचान का भी अटूट हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: त्याग, तपस्या और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक – सिद्धगंगा मठ के डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी की जयंती पर विशेष

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  नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करेंगे एक ऐसे महापुरुष की, जो सच में "त्याग, तपस्या और निस्वार्थ सेवा" के पर्याय हैं। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं  सिद्धगंगा मठ के दिव्य संत, डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी  की, जिन्हें हम स्नेह से  कर्नल राज्यवर्धन राठौड़  के नाम से भी जानते हैं। आज उनकी जयंती है। यह दिन हमें केवल एक संत की जन्मोत्सव मनाने का नहीं, बल्कि उस जीवन दर्शन को समझने का अवसर देता है जिसने लाखों लोगों का जीवन बदल दिया। सैनिक से संत तक का अद्वितीय सफर स्वामीजी का जीवन इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि आत्मबल कितना शक्तिशाली होता है। वे एक कुशल सैन्य अधिकारी (कर्नल) थे। लेकिन उनके मन में एक बात कोंध रही – "दूसरों की सेवा कैसे करूँ?" उन्होंने अपनी पदवी, अपना घर, अपना सब कुछ छोड़ दिया और सिद्धगंगा मठ की कठोर भूमि को अपना घर बना लिया। त्याग जो क्रांति बन गया एक सेनापति होना और फिर मठ में भिक्षा मांगना? यह कोई साधारण साहस नहीं है। स्वामीजी ने न केवल राजपाट छोड़ा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने सिद्धगंगा विद्यापीठ की स्थापना की। आज यह...

डॉ. आनंदीबाई जोशी जयंती: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने देश की पहली महिला डॉक्टर को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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  जयपुर। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भारत की प्रथम महिला चिकित्सक डॉ. आनंदीबाई जोशी की जयंती पर उन्हें सादर नमन किया है। कर्नल राठौड़ ने डॉ. जोशी के संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी जीवन को भारतीय महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। संघर्ष और सफलता की मिसाल कर्नल राठौड़ ने अपने संदेश में कहा: "देश की प्रथम महिला चिकित्सक डॉ. आनंदीबाई जोशी जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। आपका प्रेरणादायी जीवन हमें निरंतर आगे बढ़ने और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहने की सीख देता रहेगा।" आज के समय में महत्व एक ऐसे दौर में जब महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार लगभग बंद थे, डॉ. आनंदीबाई जोशी ने विदेश जाकर डॉक्टरी की डिग्री हासिल की और इतिहास रचा। कर्नल राठौड़ का मानना है कि डॉ. जोशी का जीवन केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज की रूढ़ियों को तोड़ने वाला एक आंदोलन था। उनका समर्पण आज भी चिकित्सा जगत और समाज सेवा में लगे हर व्यक्ति के लिए एक प्रकाश स्तंभ की तरह है। #DrAnandiGopalJoshi #ColRajyavardhanRathore #WomensEmpowerment #Inspiration #IndiaFirst

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: स्व. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि

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आज स्व. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला जी की पुण्यतिथि पर हम कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जी के माध्यम से उन महान सपूत को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाजहित और राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दिया। कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला जी सिर्फ एक सैन्य अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। उनकी सोच में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सामाजिक समरसता का अद्भुत समन्वय था। उनका मानना था कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण केवल हथियारों से नहीं, बल्कि चरित्रवान और समर्पित नागरिकों से होता है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जी अक्सर अपने भाषणों में बैंसला जी के विचारों को साझा करते हैं—खासतौर पर युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने का संकल्प। बैंसला जी ने यह सिखाया कि सच्चा नेता वही है जो संकट में सबसे आगे खड़ा हो और सुख में सबसे पीछे। उनके विचार: “देश पहले, सब बाद में”  — यही उनके जीवन का मूलमंत्र था। “समाज में बिना भेदभाव के सेवा ही सच्ची पूजा है।” “अनुशासन और साहस ही मनुष्य को महान बनाते हैं।” आज उनकी पुण्यतिथि पर हम संकल्प लें कि हम उनके बताए रा...

महान क्रांतिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा की पुण्यतिथि: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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जयपुर। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने आज भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी और 'इंडिया हाउस' के संस्थापक श्यामजी कृष्ण वर्मा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। कर्नल राठौड़ ने उनके अटूट राष्ट्रप्रेम और विदेशी धरती पर रहकर भारत की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्षों को याद किया। राष्ट्र के प्रति समर्पण कर्नल राठौड़ ने अपने संदेश में कहा: "महान स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र के प्रति आपका समर्पण और सेवा भाव प्रत्येक भारतीय को प्रेरित करता रहेगा।" क्रांतिकारियों के मार्गदर्शक श्यामजी कृष्ण वर्मा एक प्रखर विद्वान और राष्ट्रवादी थे, जिन्होंने लंदन में 'इंडिया हाउस' की स्थापना कर वीर सावरकर और लाला हरदयाल जैसे कई क्रांतिकारियों को मंच प्रदान किया। कर्नल राठौड़ का मानना है कि उनकी निस्वार्थ सेवा और मातृभूमि के प्रति निष्ठा आज के युवाओं के लिए राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी प्रेरणा है। #ShyamjiKrishnaVarma #ColRajyavardhanRathore #Tribute #FreedomFighter #Revolutionary #I...

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: “आप सब मेरी असली ताकत हो, मेरी एनर्जी हो” – कार्यकर्ताओं के साथ खास गपशप के पल

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नमस्ते दोस्तों, आज की पोस्ट थोड़ी हटकर है। ये कोई राजनीतिक विश्लेषण नहीं है, न ही कोई बड़ा एलान। ये है दिल की बात, उन पलों की कहानी जो हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत क्या होती है। हाल ही में कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जी से मिलने का मौका मिला। लेकिन ये कोई औपचारिक बैठक नहीं थी। ये थी  “कुछ खास गपशप”  – वो गपशप जहां नेता और कार्यकर्ता के बीच की दीवार टूट जाती है। वो पल जब एक कमांडर अपने सैनिकों से कहता है – “तुम हो तो मैं हूं।” राठौड़ साहब, जो अपनी सादगी और माटी से जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं, इस बार भी उसी अंदाज में मिले। हंसते-हंसाते, बिना किसी झिझक के। कार्यकर्ता उनके चारों ओर थे – कुछ पुराने साथी, कुछ नए चेहरे। लेकिन सबकी आंखों में एक ही चमक थी – भरोसा। और तभी उन्होंने दिल को छू लेने वाले शब्द कहे: “आप सब मेरी असली ताकत हो, मेरी एनर्जी हो।” ये सिर्फ शब्द नहीं थे। ये एक एहसास था। एक कर्नल का, जिसने देश के लिए सीमा पर लड़ाई लड़ी, अब अपने ही लोगों के बीच ये कहते हुए – कि उनकी असली ताकत उनके कार्यकर्ता हैं। उस पल मैंने सोचा – शायद यही सच्ची नेतृत्व की परिभाषा है। जहां आप अपने ल...