कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: स्व. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि
आज स्व. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला जी की पुण्यतिथि पर हम कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जी के माध्यम से उन महान सपूत को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाजहित और राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दिया।
कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला जी सिर्फ एक सैन्य अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। उनकी सोच में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सामाजिक समरसता का अद्भुत समन्वय था। उनका मानना था कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण केवल हथियारों से नहीं, बल्कि चरित्रवान और समर्पित नागरिकों से होता है।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जी अक्सर अपने भाषणों में बैंसला जी के विचारों को साझा करते हैं—खासतौर पर युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने का संकल्प। बैंसला जी ने यह सिखाया कि सच्चा नेता वही है जो संकट में सबसे आगे खड़ा हो और सुख में सबसे पीछे।
उनके विचार:
“देश पहले, सब बाद में” — यही उनके जीवन का मूलमंत्र था।
“समाज में बिना भेदभाव के सेवा ही सच्ची पूजा है।”
“अनुशासन और साहस ही मनुष्य को महान बनाते हैं।”
आज उनकी पुण्यतिथि पर हम संकल्प लें कि हम उनके बताए रास्ते पर चलेंगे—जाति, धर्म या क्षेत्र की संकीर्णता से ऊपर उठकर राष्ट्र के विकास और समाज के कल्याण के लिए कार्य करेंगे।
उनकी गाथा और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
विनम्र श्रद्धांजलि।
जय हिंद।

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