संगठन और विचारधारा का संगम: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने किया 'प्रशिक्षण महाअभियान-2026' का आगाज़



जयपुर। भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक जड़ों को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से शनिवार, 28 मार्च को जयपुर देहात दक्षिण द्वारा 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026' का भव्य शुभारंभ हुआ। निवारू रोड स्थित जय सियाराम मैरिज गार्डन में आयोजित इस दो दिवसीय शिविर का उद्घाटन उद्योग मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने किया।

कार्यकर्ता: संगठन की सबसे मजबूत कड़ी

शिविर में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कर्नल राठौड़ ने संगठन के आधारभूत सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • अनुशासित शक्ति का महत्व: कर्नल राठौड़ ने कहा कि शक्ति का अनुशासित होना और सही दिशा में कार्य करना ही उसे असरकारी बनाता है।

  • कार्यकर्ता ही आधार हैं: उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी में सबसे अहम स्थान कार्यकर्ता का है। वह जनता और संगठन के बीच संवाद का सेतु है।

  • पहचान और विचारधारा: व्यक्ति को पहचान की तलाश होती है, और एक कार्यकर्ता अपनी पहचान अपनी विचारधारा और कर्म के माध्यम से बनाता है।

सैनिक से सेवक तक का सफर

भावुक होते हुए कर्नल राठौड़ ने कहा, "एक सैनिक के रूप में मैंने सरहद पर संघर्ष किया और अब राजनीति के माध्यम से समाज सेवा का अवसर मिला है। मेरे लिए कर्म ही धर्म है।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें।

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