कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: क्यों निवेशक चुन रहे हैं राजस्थान?

 


22 महीनों में औद्योगिक क्रांति: 'राइजिंग राजस्थान' की नई गाथा

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'विकसित भारत' के विज़न और माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के सशक्त नेतृत्व में, राजस्थान ने पिछले 22 महीनों में औद्योगिक परिदृश्य में एक अभूतपूर्व बदलाव देखा है। उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के नेतृत्व में किए गए इन सुधारों ने राजस्थान को देश और दुनिया के निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।

यह बदलाव सिर्फ वादों का नहीं, बल्कि ठोस, जमीन पर उतरे हुए कार्यों का है, जिसने व्यापार करने की प्रक्रिया (Ease of Doing Business) को एक नया आयाम दिया है।

💰 रिकॉर्ड तोड़ निवेश और वैश्विक भागीदारी

राजस्थान अब केवल संस्कृति और पर्यटन का केंद्र नहीं, बल्कि भारी निवेश का वैश्विक हब बन चुका है:

  • 32 देशों की भागीदारी के साथ, ₹35 लाख करोड़ के ऐतिहासिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो 'राइजिंग राजस्थान' के मजबूत संकल्प को दर्शाते हैं।

  • 33 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं, और 1952 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है।

  • 3100 से अधिक MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को सशक्त किया गया है, जो रोजगार सृजन का आधार हैं।

💻 सरलीकरण और डिजिटलीकरण: निवेश हुआ आसान

निवेशक जिस सबसे बड़ी बाधा का सामना करते थे, वह थी जटिल और लंबी प्रक्रिया। कर्नल राठौड़ की टीम ने इसे पूरी तरह से बदल दिया है:

  • RajNivesh: यह एक वन-स्टॉप डिजिटल बिजनेस एप्लिकेशन बन गया है, जिससे सारी प्रक्रियाएँ एक ही जगह पर पूरी हो जाती हैं।

  • तत्काल भूमि आवंटन: अब वन-क्लिक ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से सीधा भूमि आवंटन होता है। पारदर्शिता के लिए, आवेदन करने से पहले भूखंडों के डिजिटल लैंड मैप लाइव देखे जा सकते हैं।

  • MSME को त्वरित मंज़ूरी: MSME के लिए मंज़ूरी 30 दिनों के भीतर अनिवार्य है; यदि इसमें देरी होती है, तो अनुमति स्वतः (deemed approved) स्वीकृत मानी जाएगी।

  • अनावश्यक कानूनों की समाप्ति: 45 पुराने और निरर्थक कानूनों को खत्म कर दिया गया है, जिससे लालफीताशाही समाप्त हुई है।

  • 100% ऑनलाइन प्रक्रिया: फैक्टरी और बॉयलर की मंज़ूरियाँ अब पूरी तरह से 100% ऑनलाइन कर दी गई हैं।

⚡️ बुनियादी ढांचे और सुरक्षा में अभूतपूर्व सुधार

निवेश को आकर्षित करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा आवश्यक है:

  • बिजली और कनेक्टिविटी: 281 किमी बिजली लाइन अपग्रेडेशन और 210 किमी भूमिगत केबलिंग का कार्य पूरा किया गया है, जिससे उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।

  • सुरक्षा और सुविधा: 6 प्रमुख जोनों में औद्योगिक अग्नि सुरक्षा सुविधाएँ (Fire Safety Facilities) तैनात की गई हैं, और औद्योगिक क्षेत्रों में 5845 स्ट्रीटलाइटें लगाई गई हैं।

  • छोटी इकाईयों को राहत: 10 कर्मचारियों तक वाली स्थापनाओं के लिए शॉप रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है।

  • पर्यावरण छूट: 877 उद्योगों को पर्यावरणीय मंज़ूरी से छूट दी गई है, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को बड़ी राहत मिली है।


✅ निष्कर्ष: राजस्थान - भविष्य का औद्योगिक हब

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का संदेश स्पष्ट है: राजस्थान अब एक आकर्षक पर्यटन स्थल के साथ-साथ एक विश्व-स्तरीय औद्योगिक डेस्टिनेशन है। सरकार ने न केवल नीतियाँ बदली हैं, बल्कि निवेशकों के प्रति अपना दृष्टिकोण भी बदला है।

यह गति, सरलता और पारदर्शिता का नया युग है, जिसके कारण निवेशक आत्मविश्वास के साथ राजस्थान को अपने विकास के लिए चुन रहे हैं। 'राइजिंग राजस्थान' अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि सफलता की एक नई सच्चाई है।

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