कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ - मनसुख मांडविया ने 'खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स' के उद्घाटन समारोह में एथलीटों को प्रेरित किया
खेलों से ही 'विकसित भारत' का संकल्प होगा सिद्ध: कर्नल राठौड़ और डॉ. मांडविया ने जगाया नया जोश
राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम में आयोजित 5वें खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (KIUG) 2025 के भव्य उद्घाटन समारोह ने देश के खेल जगत में एक नया उत्साह भर दिया।
यह पहली बार है जब राजस्थान को इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय स्तरीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट की मेजबानी का अवसर मिला है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'खेलो इंडिया' विज़न को आगे बढ़ाता है।
✨ कर्नल राठौड़ का प्रेरक उद्बोधन: आप पहले से ही चैंपियन हैं
राजस्थान के खेल मंत्री और स्वयं एक ओलंपियन पदक विजेता, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने अपने स्वागत भाषण से एथलीटों के दिलों में जोश भर दिया। उन्होंने खिलाड़ियों को 'चैंपियन' कहकर संबोधित किया।
चैंपियन का अर्थ: कर्नल राठौड़ ने कहा, "आप सभी एथलीट, मैनेजर, सपोर्ट स्टाफ का 5वें खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वागत है। लाखों छात्रों में से आपको अपनी यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। आप लाखों में से चुने गए हैं, इसलिए आप पहले से ही चैंपियन हैं!"
जीतने से बढ़कर: उन्होंने प्रतिस्पर्धा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "इन खेलों में आप एक-दूसरे से मुकाबला करेंगे, दोस्त बनाएंगे और सीखेंगे। खेल में जीतना और हारना मायने रखता है, लेकिन जीवन में जीतना सबसे महत्वपूर्ण है।"
अनुशासन और दृढ़ संकल्प: कर्नल राठौड़ ने प्रधानमंत्री मोदी के विज़न की सराहना करते हुए कहा कि इन 12 दिवसीय खेलों में अनुशासन और दृढ़ संकल्प के माध्यम से युवा नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।
🚀 डॉ. मांडविया का विज़न: खेलो इंडिया - एक मजबूत इकोसिस्टम
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने खेलों को लेकर केंद्र सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराया और राजस्थान की पावन धरती पर इस आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।
प्रतिभा को पोषण: डॉ. मांडविया ने कहा कि सरकार ने खेलों के विकास के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया है। उन्होंने बताया कि 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम के तहत जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को पहचाना जाता है और उन्हें उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) में सर्वश्रेष्ठ कोचों के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ओलंपिक सपने की ओर: केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि ये खेल युवाओं के सपनों की उड़ान की शुरुआत हैं, जहाँ से निकलकर खिलाड़ी भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय मंचों और ओलंपिक में भारत का परचम लहराएंगे।
राजस्थान की संस्कृति का भव्य प्रदर्शन
उद्घाटन समारोह में राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, शौर्य और कला का भव्य प्रदर्शन किया गया। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, मैस्कॉट 'खम्मा घणी' (ऊंट) का स्वागत और ऊर्जा से भरे कलाकारों ने पूरे स्टेडियम में समा बांध दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी एथलीटों को शुभकामनाएं देते हुए खेल जीवन बीमा योजना जैसी कई घोषणाएँ कीं, जो राज्य में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देंगी।
✅ निष्कर्ष: केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, यह राष्ट्र निर्माण है
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ और डॉ. मनसुख मांडविया ने स्पष्ट कर दिया कि 'खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स' केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता, नागरिक निर्माण और 'विकसित भारत' के संकल्प को सिद्ध करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
राजस्थान के सात शहरों में 24 खेल विधाओं में हो रही यह प्रतिस्पर्धा भारत के खेल भविष्य को उज्जवल बनाएगी।
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