कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – योग : भारत की अमूल्य धरोहर, वैश्विक पहचान
नमस्कार दोस्तों,
जब भी हम योग की बात करते हैं, तो यह सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा, मन और शरीर को जोड़ने वाली एक प्राचीन विद्या है। और इस विद्या को पूरी दुनिया तक पहुँचाने का श्रेय हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जाता है, जिन्होंने इसे वैश्विक आंदोलन का रूप दिया।
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, जो खुद एक ओलंपियन और फिटनेस आइकॉन हैं, ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अपने विचार साझा किए हैं।
भारत की पवित्र माटी से दुनिया तक
कर्नल राठौड़ ने कहा:
"भारत की पवित्र माटी से दुनिया के हर कोने तक, योग भारत की सनातन ज्ञान-परंपरा का एक शक्तिशाली प्रतीक बनकर उभरा है, जो स्वास्थ्य, सामंजस्य और आंतरिक शक्ति को बढ़ावा देता है।"
यह सच है। जहाँ एक तरफ योग शारीरिक बीमारियों को दूर करता है, वहीं दूसरी तरफ यह मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त करता है।
प्रधानमंत्री मोदी जी का दूरदर्शी नेतृत्व
कर्नल राठौड़ ने PM मोदी जी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा:
"प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक वैश्विक आंदोलन में बदल गया है, जिसने लाखों लोगों को स्वास्थ्य, अनुशासन और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया है।"
2015 में जब पहली बार संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया, तब से यह दिन हर साल एक वैश्विक महोत्सव बन गया है। आज दुनिया के 190 से अधिक देशों में योग मनाया जाता है।
योग – एक वैश्विक उपहार
योग केवल भारत के लिए नहीं है – यह पूरी मानवता के लिए है। यही कारण है कि कर्नल राठौड़ ने गर्व से कहा:
"मुझे गर्व है कि मैं ऐसे देश का हिस्सा हूँ, जो यह अमूल्य उपहार मानवता को दे रहा है।"
योग – एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य
इस वर्ष का थीम है – "योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ"। यानी एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य। यह संदेश बताता है कि योग सिर्फ व्यक्तिगत फायदे के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक कल्याण के लिए है।
कर्नल राठौड़ की फिटनेस फिलॉसफी
एक ओलंपियन होने के नाते, कर्नल राठौड़ हमेशा फिटनेस को जीवन का अभिन्न हिस्सा मानते हैं। उनका मानना है:
रोज़ 10-15 मिनट योग से शरीर लचीला बनता है
साँस पर नियंत्रण से मानसिक स्थिरता आती है
ध्यान (मेडिटेशन) से फोकस और आत्मविश्वास बढ़ता है
आपके लिए संदेश
आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 है। तो अब समय है:
अपनी मैट बिछाएँ
सूर्य नमस्कार करें
गहरी साँस लें
मन को शांत करें
एक संतुलित जीवन की ओर कदम बढ़ाएँ
निष्कर्ष
योग भारत की वह अमूल्य धरोहर है, जिसने सदियों से मानवता को स्वास्थ्य और शांति दी है। आज इसने पूरी दुनिया को एक सूत्र में बाँध दिया है।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ इस वैश्विक आंदोलन का हिस्सा बनकर यही सन्देश दे रहे हैं – योग अपनाओ, जीवन को संवारो।
"योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ"

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