कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की श्रद्धांजलि: श्री भगवान सिंह जी रोलसाबसर को कोटि-कोटि नमन
श्री क्षत्रिय युवक संघ के चतुर्थ संघ प्रमुख, परम पूजनीय श्री भगवान सिंह जी रोलसाबसर की पुण्यतिथि पर हम सभी उनके श्री चरणों में कोटि-कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
उनका जीवन — एक प्रेरणा का स्रोत
परम पूजनीय श्री भगवान सिंह जी रोलसाबसर का जीवन सादगी, समर्पण और सेवा का अद्भुत संगम था। उन्होंने श्री क्षत्रिय युवक संघ के चतुर्थ संघ प्रमुख के रूप में जो मार्गदर्शन प्रदान किया, वह आज भी लाखों युवाओं के जीवन में दिशा और प्रकाश का कार्य कर रहा है।
उनका संपूर्ण जीवन इस बात का प्रमाण था कि चरित्र निर्माण ही राष्ट्र निर्माण की नींव है। उन्होंने युवाओं में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के बीज बोए — ऐसे बीज जो आज विशाल वृक्ष बनकर समाज को छाया दे रहे हैं।
चरित्र निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान
श्री भगवान सिंह जी रोलसाबसर ने सदैव यह संदेश दिया कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब उसके युवा चरित्रवान, संस्कारी और कर्तव्यनिष्ठ हों। उनके नेतृत्व में श्री क्षत्रिय युवक संघ ने समाज के कोने-कोने में यह संदेश पहुंचाया।
उनकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उनके जीवनकाल में थीं। उन्होंने हमें सिखाया:
- सेवा सर्वोपरि है — व्यक्ति से पहले समाज
- अनुशासन ही सफलता की कुंजी है
- संस्कृति और परंपरा का सम्मान राष्ट्रभक्ति का प्रथम चरण है
- युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का नमन
देश की सेवा में समर्पित कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इस पुण्यतिथि पर श्री भगवान सिंह जी रोलसाबसर को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। एक सैनिक और एक समाजसेवी के रूप में कर्नल राठौड़ भली-भांति जानते हैं कि चरित्र निर्माण का महत्व राष्ट्र रक्षा से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि श्री भगवान सिंह जी रोलसाबसर का जीवन और उनके आदर्श हमें सदैव यह स्मरण कराते हैं कि समाज का उत्थान व्यक्तिगत चरित्र की मजबूती से ही होता है।
उनकी विरासत — अमर और अक्षुण्ण
पूजनीय श्री भगवान सिंह जी रोलसाबसर भले ही आज हमारे मध्य नहीं हैं, किंतु उनकी विरासत श्री क्षत्रिय युवक संघ के हर सदस्य के हृदय में जीवित है। उनके द्वारा स्थापित मूल्य, उनके द्वारा दिखाया गया मार्ग और उनके द्वारा पोषित संगठन आज भी उसी ऊर्जा और समर्पण के साथ समाज सेवा में संलग्न है।
आने वाली पीढ़ियां उनके आदर्शों से प्रेरणा लेती रहेंगी। उनका चरित्र निर्माण का संदेश युगों-युगों तक राष्ट्र और समाज का मार्गदर्शन करता रहेगा।
अंत में — एक विनम्र प्रार्थना
इस पुण्यतिथि पर हम सभी यह संकल्प लें कि उनके बताए मार्ग पर चलेंगे, उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारेंगे और श्री क्षत्रिय युवक संघ की परंपरा को और अधिक सशक्त बनाने में अपना योगदान देंगे।
पूजनीय श्री भगवान सिंह जी रोलसाबसर को कोटि-कोटि नमन। उनकी पावन स्मृति को हमारा सादर प्रणाम।

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