दौसा में रघुकुल पुस्तकालय का लोकार्पण: "पुस्तकों की अलमारियों में कागज के पन्ने नहीं, युवाओं के सपने हैं" — कर्नल राज्यवर्धन राठौड़



 दौसा/हिंगोटा। रविवार, 21 जून को दौसा जिले के हिंगोटा गाँव में एक नई शैक्षणिक क्रांति की शुरुआत हुई। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने यहाँ नवनिर्मित 'रघुकुल पुस्तकालय' का भव्य लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में युवाओं, माताओं और अभिभावकों को संबोधित करते हुए उन्होंने जीवन में शिक्षा, मार्गदर्शन और आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया।

युवाओं के सपनों का उद्घाटन

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने अपने भाषण की शुरुआत एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक पंक्ति से की। उन्होंने कहा:

"मैं यहाँ किसी भवन का नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के सपनों का उद्घाटन करने आया हूँ। इस पुस्तकालय की अलमारियों में जो पुस्तकें रखी हैं, वे केवल कागज के पन्ने नहीं हैं, बल्कि वे हमारे युवाओं के सपनों को हकीकत में बदलने की सामग्री हैं।"

उन्होंने पुस्तकालय को 'सफलता का मंदिर' बताते हुए युवाओं से इसका अधिकतम उपयोग करने का आग्रह किया, जहाँ एकाग्रचित्त होकर भविष्य की दिशा तय की जा सके।

माताओं के संघर्ष को नमन और अभिभावकों को संदेश

ओलंपिक पदक विजेता मंत्री ने बच्चों की सफलता में माँ की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सपनों को पूरा करने का साहस माँ के आशीर्वाद से ही मिलता है। उन्होंने उन सभी माताओं को नमन किया जिन्होंने संघर्ष कर अपने बच्चों को काबिल बनाया।

अभिभावकों से संवाद करते हुए उन्होंने एक बहुत ही व्यावहारिक सलाह दी:

  • प्रतिभा को पहचानें: हर बच्चा प्रशासनिक अधिकारी (IAS/RAS) नहीं बन सकता, लेकिन हर बच्चे में एक अनोखी प्रतिभा होती है। माता-पिता का कर्तव्य है कि वे उसे पहचानें।

  • डिजिटल युग में संवाद: आज के डिजिटल दौर में बच्चों की बातें सुनना और उनके साथ एक दोस्त की तरह खड़े रहना समय की सबसे बड़ी मांग है।

सरकारी नौकरी से आगे: आधुनिक अवसर और पीएम योजनाएं

कर्नल राठौड़ ने युवाओं का ध्यान भविष्य के नए और उभरते हुए सेक्टर्स की ओर खींचा। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को केवल सरकारी नौकरियों की कतार में खड़े रहने की जरूरत नहीं है।

  • नए क्षेत्र: ड्रोन निर्माण (Drone Manufacturing), ड्रोन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आधुनिक एवं ऑर्गेनिक कृषि (Organic Farming) जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं।

  • आत्मनिर्भर भारत की योजनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई पीएम मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, विश्वकर्मा योजना, स्टैंडअप इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाएं युवाओं को जॉब सीकर (नौकरी मांगने वाला) नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर (रोजगार देने वाला) बनने का बेहतरीन अवसर दे रही हैं।

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