कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – खेलो इंडिया के तहत राजस्थान में बदलती खेलों की तस्वीर, चित्रकूट स्टेडियम का निरीक्षण
नमस्कार दोस्तों,
खेल सिर्फ मेडल नहीं, बल्कि एक संस्कार होते हैं। और जब खेलों को सही दिशा में सरकारी सहयोग मिले, तो नतीजे सुनहरे होते हैं। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ इन दिनों राजस्थान में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी जी के खेलो इंडिया का असर
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में खेलो इंडिया पहल ने देश भर में खेलों को नई ऊर्जा दी है। इसका असर अब राजस्थान में साफ दिख रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में राजस्थान सरकार लगातार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है।
चित्रकूट स्टेडियम का निरीक्षण
हाल ही में कर्नल राठौड़ ने चित्रकूट स्टेडियम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तीन प्रमुख पहलुओं पर गौर किया:
मौजूदा खेल सुविधाएँ – क्या खिलाड़ियों को जरूरी संसाधन मिल रहे हैं?
खिलाड़ियों की जरूरतें – उनकी क्या कमियाँ हैं, क्या चाहिए?
भविष्य की विकास संभावनाएँ – स्टेडियम को और बेहतर कैसे बनाया जाए?
लक्ष्य – स्थानीय स्तर पर दुनिया जैसी सुविधाएँ
कर्नल राठौड़ का स्पष्ट संदेश है:
"हमारा प्रयास है कि बच्चों और युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, कोचिंग और विश्व स्तरीय खेल बुनियादी ढांचा स्थानीय स्तर पर ही मिले, ताकि वे अपनी प्रतिभा को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकें।"
इसका मतलब है – अब खिलाड़ियों को बड़े शहरों की राह नहीं देखनी पड़ेगी। उनका गाँव, उनका शहर, उनका स्टेडियम ही उनकी तैयारी का केंद्र बनेगा।
क्यों है ये ज़रूरी?
राजस्थान में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है – बस सही मंच चाहिए
स्थानीय स्तर पर अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा तो ज़्यादा बच्चे खेलों की ओर आएंगे
खेलो इंडिया का सपना तभी साकार होगा जब ज़मीनी स्तर पर बदलाव हो
नतीजा
चित्रकूट स्टेडियम सिर्फ एक शुरुआत है। कर्नल राठौड़ और राजस्थान सरकार का प्रयास है कि राज्य का हर कोना खेलों की नर्सरी बने।
जो खेलों को बढ़ावा देता है, वो भविष्य को संवारता है।
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