कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: जोबनेर के सीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती, अब घर के पास मिलेगी बेहतर सुविधा


 "माताओं, बहनों और बेटियों को अब शहर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की इस पहल से जोबनेर क्षेत्र में महिला स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा मिली है।"

मुख्य लेख:

जोबनेर, राजस्थान – ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर हमेशा दो बड़ी समस्याएँ रही हैं: विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और दूरदराज के अस्पतालों तक पहुँचना। लेकिन जोबनेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है।

अब इस CHC में एक प्रशिक्षित स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) की तैनाती हुई है। यह संभव हुआ है कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के प्रयासों से। उन्होंने क्षेत्र की महिलाओं की लंबे समय से चली आ रही पीड़ा को समझा और ठोस कदम उठाया।

क्यों है यह बदलाव इतना महत्वपूर्ण?

आपको बता दें कि गर्भावस्था, प्रसव, मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं या फिर संक्रमण जैसी आम बीमारियों के लिए महिलाओं को अक्सर जयपुर या अन्य बड़े शहरों के निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था। इससे न सिर्फ पैसे खर्च होते थे, बल्कि समय और ऊर्जा भी बर्बाद होती थी। कई बार तो महिलाएं शर्म या सुविधा के अभाव में अपनी बीमारी को नज़रअंदाज़ कर देती थीं।

क्या बदलेगा अब?

  • नि:शुल्क परामर्श: अब कोई भी महिला सीधे CHC जोबनेर में स्त्री रोग विशेषज्ञ से निःशुल्क परामर्श ले सकेगी।

  • प्रसव सुरक्षा: सामान्य और जटिल प्रसव के लिए अब विशेषज्ञ की निगरानी मिलेगी, जिससे मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी आएगी।

  • प्रजनन स्वास्थ्य: परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक और बांझपन से जुड़ी समस्याओं का समाधान घर के पास ही होगा।

  • जागरूकता: चिकित्सक के आने से क्षेत्र में महिला स्वच्छता और कैंसर (सर्वाइकल/ब्रेस्ट) जांच को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।

स्थानीय महिलाओं की प्रतिक्रिया

गांव की एक गर्भवती महिला सुमन देवी (बदला हुआ नाम) ने राहत की सांस लेते हुए कहा, "पहले हमें जयपुर जाना पड़ता था। आटे-दाल के पैसे बचाकर रिक्शा किराया देना पड़ता था। अब तो पास में ही डॉक्टर मिलेंगे, बहुत अच्छा लग रहा है।"

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का बयान

हालाँकि वे खुद सैन्य पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन उनकी सोच ग्रामीण स्वास्थ्य पर केंद्रित है। उनका कहना है कि जब तक गाँव की माँ-बहनें स्वस्थ नहीं होंगी, तब तक समाज स्वस्थ नहीं हो सकता। यह तैनाती सिर्फ एक शुरुआत है। आगे और भी सुविधाएँ लाई जाएँगी।

निष्कर्ष

एक छोटी सी तैनाती, लेकिन एक बड़ा बदलाव। जोबनेर CHC अब प्रेरणा बन चुका है कि अगर जनप्रतिनिधि और प्रशासन संकल्प लें, तो स्वास्थ्य सेवाएँ गाँव-गाँव तक पहुँच सकती हैं। इस पहल के लिए कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ बधाई के पात्र हैं।

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