तकनीक का उद्देश्य सिर्फ सुविधा, न कि जटिलता : कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
जयपुर। प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा देने के लिए केबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने डीओआईटी विभाग के अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने साफ कहा कि तकनीक का असली उद्देश्य नागरिकों को सरल, तेज और भरोसेमंद सेवाएं देना है, न कि उन्हें टेक्नोलॉजी के बोझ तले दबाना।
कर्नल राठौड़ ने एआई आधारित जनसेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। उनका मानना है कि तकनीक तभी सफल है जब आमजन को इसका वास्तविक लाभ मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एआई सेवाओं और मैन्युअल सेवाओं के कस्टमर सेटिस्फेक्शन का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाए, ताकि यह पता चल सके कि नागरिकों को किस माध्यम से अधिक सुविधा मिल रही है।
कॉल सेंटर और होल्ड टाइम पर सख्ती
बैठक में कॉल सेंटर सेवाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि एआई और मैन्युअल दोनों व्यवस्थाओं में कॉल होल्ड टाइम की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों को अनावश्यक प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है।
डेटा मैनेजमेंट और यूजर फ्रेंडली सिस्टम
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने डेटा मैनेजमेंट और इंडेक्सिंग सिस्टम को व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म इस प्रकार विकसित किए जाएं कि उपयोगकर्ता कम समय में अधिक सटीक जानकारी प्राप्त कर सके। इसके अलावा, नागरिकों के लिए एप को सरल, सहज और उपयोगी बनाया जाए, ताकि लोग अपने आसपास उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकें।
मंत्री जी का यह संदेश साफ है कि डिजिटल क्रांति का लक्ष्य आम आदमी के जीवन को आसान बनाना है, बोझिल नहीं।

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