कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का शत-शत नमन: अमर शहीद मेजर पीरू सिंह शेखावत की जयंती पर विशेष
शौर्य, बलिदान और अमर गाथा – मेजर पीरू सिंह शेखावत
आज अमर शहीद मेजर पीरू सिंह शेखावत जी की जयंती है। 1948 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने जिस अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया, वह भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। परमवीर चक्र से सम्मानित इस महान सपूत को हम कोटि-कोटि नमन करते हैं।
जब दुश्मन की सेना टिटवाल सेक्टर में भारतीय सेना की चौकियों पर टूट पड़ी, मेजर पीरू सिंह ने अकेले ही मोर्चा संभाला। उनकी बंदूक थम गई, तो उन्होंने संगीन (बेयोनेट) से वार किया। गोली लगने के बाद भी वे तब तक आगे बढ़ते रहे, जब तक कि अंतिम सांस न निकल गई। उनका अंतिम शब्द था – "राजस्थान माता की जय"।
यह वीरता और देशभक्ति की वह मशाल है, जो हर भारतीय के दिल में रोशनी जलाती है। मेजर पीरू सिंह शेखावत ने साबित कर दिया कि माटी की खुशबू और वीरों के संस्कार कभी मरते नहीं।
आइए, इस पावन अवसर पर हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें – और अपने जीवन में देशसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और साहस के उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लें।
भारत माता की जय।
राजस्थान माता की जय।

Comments
Post a Comment