जनता की प्यास बुझाने को समर्पित: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के विशेष पेयजल शिविर की कहानी
जोबनेर, झोटवाड़ा: पेयजल सिर्फ एक आवश्यकता नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। इसे ध्यान में रखते हुए, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के नेतृत्व में जोबनेर एवं झोटवाड़ा क्षेत्र में एक विशेष पेयजल समाधान कैंप का आयोजन किया गया।
इस शिविर का उद्देश्य सीधे जनता की समस्याओं को सुनना और उन्हें त्वरित समाधान देना था। इस दौरान विभागीय अधिकारी मौके पर ही मौजूद रहे। क्षेत्रवासियों ने अपनी पेयजल से संबंधित शिकायतें रखीं – चाहे वह हैंडपंप खराब हो, नल में पानी न आ रहा हो, या टंकी की सफाई का मुद्दा हो।
सबसे बड़ी बात यह रही कि अधिकारियों ने इन शिकायतों को केवल सुना ही नहीं, बल्कि मौके पर ही उनका तुरंत निराकरण किया। जहाँ भी तकनीकी खामियाँ थीं, उन्हें तत्काल ठीक किया गया।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इस अवसर पर कहा:
"जन-जन तक पेयजल पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी व्यक्ति पानी के लिए मजबूर न हो, यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है।"
इस कैंप ने एक मिसाल पेश की है कि अगर सरकारी तंत्र संवेदनशील हो जाए, तो ग्राउंड लेवल पर समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी हो सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी ऐसे कैंप आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि किसी को पेयजल के लिए दर-दर न भटकना पड़े।
निष्कर्ष: यह सिर्फ एक शिविर नहीं था, बल्कि "जल सुरक्षा" की दिशा में एक बड़ा कदम था। जनता ने इस पहल की सराहना की और इसे और अधिक नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।
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