नारी शक्ति का उदय: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया क्यों ऐतिहासिक है 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम'
जयपुर। भारत की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। उद्योग मंत्री एवं पूर्व ओलिंपिक पदक विजेता कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने नारी शक्ति के सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया है।
सशक्तिकरण के तीन स्तंभ: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक
कर्नल राठौड़ ने जोर देते हुए कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि "महिलाओं के नेतृत्व में विकास" (Women-led Development) है। उन्होंने नारी शक्ति के सशक्तिकरण के तीन प्रमुख आयामों को रेखांकित किया:
सामाजिक सशक्तिकरण: समाज में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करना।
आर्थिक सशक्तिकरण: मुद्रा योजना, लखपति दीदी और उज्ज्वला जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना।
राजनीतिक सशक्तिकरण: शासन और नीति-निर्धारण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम: एक अभूतपूर्व कदम
कर्नल राठौड़ के अनुसार, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' मातृ शक्ति के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह कानून न केवल लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें नीति-निर्माता के रूप में उभरने का अवसर भी देगा।
निष्कर्ष: "जब नारी सशक्त होगी, तभी राष्ट्र समर्थ होगा।" कर्नल राठौड़ का यह संदेश स्पष्ट करता है कि मोदी सरकार की नीतियां महिलाओं को देश की नियति तय करने वाली शक्ति बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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