श्रीनगर में गूंजी नारी शक्ति की हुंकार: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने विपक्ष के भ्रम को किया बेनकाब
श्रीनगर। महिला सशक्तिकरण और सुशासन के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए राजस्थान के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ इन दिनों जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। गुरुवार, 23 अप्रैल को श्रीनगर में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा।
विपक्ष के 'भ्रम' पर प्रहार कर्नल राठौड़ ने स्पष्ट रूप से कहा कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में महिला आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण विधेयक (संविधान संशोधन, डिलिमिटेशन बिल 2026 और यूनियन टेरिटरी अमेंडमेंट लॉ 2026) लाए गए थे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने केवल भ्रम फैलाकर इस क्रांतिकारी कदम को रोकने का प्रयास किया है। उनका यह दावा कि 'बिल पहले ही पास हो चुका है' पूरी तरह निराधार है।
पंचायती राज से संसद तक का सफर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल राठौड़ ने डेटा साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में पंचायती राज संस्थाओं में करीब 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व है। अब समय आ गया है कि हमारी मातृशक्ति को विधानसभाओं और संसद में भी वही समान अवसर मिले।
2029 का लक्ष्य और संकल्प जम्मू-कश्मीर की महिलाओं के साहस की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहां की महिलाएं पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनाव तक महिला आरक्षण को पूर्णतः लागू करना है।

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