कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: मरुस्थल की कोयल गौरी देवी को शत-शत नमन
प्रिय पाठकों,
आज राजस्थान की लोक संगीत साधिका, मांड शैली की जादूगरनी और ‘मरुस्थल की कोयल’ के नाम से विख्यात गौरी देवी जी की जयंती है।
इस विशेष अवसर पर, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ (सेवानिवृत्त) ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। गौरी देवी जी ने न केवल राजस्थानी लोक संगीत को संरक्षित रखा, बल्कि अपनी सुरीली आवाज से मांड गायन को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई।
कर्नल राठौड़ के शब्दों में:
"मरुस्थल की कोयल, गौरी देवी जी, जिन्होंने अपनी साधना से मांड गायन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया, उनकी जयंती पर मेरा सादर सम्मान।"
गौरी देवी जी की विरासत हर राजस्थानी के दिल में बसती है। आइए, उनके संगीत को याद करें और इस महान विभूति को नमन करें।
#गौरीदेवी #राजस्थानीसंगीत #MaandSinging #कर्नलराज्यवर्धनराठौड़ #मरुस्थलकीकोयल

Comments
Post a Comment