कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का भावपूर्ण नमन: डॉ. ललित किशोर चतुर्वेदी जी की पुण्यतिथि पर विशेष आलेख
आज का दिन भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान के लिए अत्यंत भावुकता और श्रद्धा का दिन है। हम पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, महान संगठनकर्ता और कार्यकर्ताओं के चहेते नेता डॉ. ललित किशोर चतुर्वेदी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कर्नल राठौड़ ने कहा कि डॉ. चतुर्वेदी जी का व्यक्तित्व ही एक संपूर्ण कार्यकर्ता का दर्पण था।
कार्यकर्ताओं के प्रति स्नेह और सेवाभाव:
डॉ. ललित किशोर चतुर्वेदी जी को 'कार्यकर्ता नेता' कहा जाता था। वे पद पर आसीन थे, लेकिन उनका दिल हमेशा पार्टी के आखिरी पायदान पर खड़े कार्यकर्ता के लिए धड़कता था। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे हर कार्यकर्ता को अपने परिवार जैसा स्नेह देते थे। चाहे पार्टी का कोई बड़ा पदाधिकारी हो या कोई साधारण बूथ कार्यकर्ता, सबके लिए उनके पास दरवाजे खुले थे।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा, "डॉ. चतुर्वेदी जी का जीवन हम सबको सिखाता है कि सत्ता और पद अस्थायी हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच बांटा गया प्यार और किया गया सेवाभाव ही नेता को अमर बनाता है। उनकी सादगी और पहुंच हम सबके लिए आज भी प्रेरणीय है।"
प्रेरणा का स्रोत:
डॉ. चतुर्वेदी जी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि एक मार्गदर्शक थे। उन्होंने राजस्थान भाजपा को जिस तरह संगठित किया, उसकी मिसाल आज भी दी जाती है। उनकी पुण्यतिथि पर हम उनके सिद्धांतों को दोहराने का संकल्प लेते हैं:
संगठन पहले, पद बाद में।
कार्यकर्ता ही पार्टी की ताकत है।
सेवाभाव ही सच्ची राजनीति है।
निष्कर्ष:
प्रिय कार्यकर्ताओं, डॉ. ललित किशोर चतुर्वेदी जी हमारे बीच शारीरिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनकी विचारधारा और कार्यशैली आज भी प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के रक्त में प्रवाहित हो रही है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जी के शब्द हमें याद दिलाते हैं कि सच्ची श्रद्धांजलि उनके दिखाए रास्ते पर चलना ही है।

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