कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: जयपुर का स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, युवाओं के लिए खुलेगी वैश्विक नौकरियों की उड़ान
जयपुर। राजस्थान के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब जयपुर के युवा भी वैश्विक स्तर पर अपने कौशल का लोहा मनवा सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी पाने का सपना देख सकते हैं। यह संभव हुआ है प्रदेश के उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के अथक प्रयासों से, जिसके फलस्वरूप केंद्र सरकार ने जयपुर में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (एसआईआईसी) की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
कहाँ बनेगा यह सेंटर?
यह अत्याधुनिक केंद्र जयपुर के महात्मा गांधी गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज इंस्टीट्यूट में स्थापित किया जाएगा। यह सेंटर युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने का कार्य करेगा।
कर्नल राठौड़ के प्रयास रंग लाए
यह मंजूरी कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की सक्रियता और युवाओं के प्रति समर्पण को दर्शाती है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में उन्होंने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया। राजस्थान के युवाओं को वैश्विक अवसर देने की उनकी मांग पर केंद्र सरकार ने तुरंत सकारात्मक रुख अपनाया और इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी।
क्या कहना है कर्नल साहब का?
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा, "यह हमारे युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। इस केंद्र के माध्यम से राज्य के युवाओं को ग्लोबल प्रतिस्पर्धा में बराबरी पर आने का मौका मिलेगा। आज के समय में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि कौशल आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण ही युवाओं के भविष्य को संवार सकता है।"
उन्होंने आगे कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के मजबूत समन्वय (डबल इंजन सरकार) का परिणाम है। उन्होंने इस परियोजना को साकार करने में सहयोग के लिए केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का भी आभार व्यक्त किया।
युवाओं को क्या लाभ होगा?
स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना से जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को कई लाभ होंगे:
अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण: युवाओं को वैश्विक स्तर के पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी।
वैश्विक रोजगार: प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा विदेशों में जॉब प्लेसमेंट के लिए योग्य हो सकेंगे।
आर्थिक विकास: इससे न केवल युवा सशक्त होंगे, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
यह परियोजना राजस्थान के युवाओं के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाली है, और इसका श्रेय कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की दूरदर्शिता और उनके नेतृत्व को जाता है। अब देखना यह होगा कि कैसे यह केंद्र प्रदेश के युवाओं को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाता है।
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