कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का शोक संदेश: इतिहास के उस सूर्य को नमन जो अस्त हो गया
दोस्तों,
आज की यह पोस्ट अत्यंत दुखद और भावुक कर देने वाली है। इतिहास लेखन को एक नई दिशा देने वाले महान विभूति, डॉ. जयसिंगराव पवार जी के निधन का समाचार सुनकर मन अत्यंत व्यथित हो गया है।
डॉ. पवार ने केवल इतिहास को किताबों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया। उनकी लेखनी ने उन अनेक पहलुओं को उजागर किया जो समय के गर्भ में दबे हुए थे। उनका जाना साहित्य और इतिहास जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
मैं, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, उनकी इस यात्रा में उनके अथक परिश्रम और समर्पण को कभी नहीं भूल सकता।
ईश्वर से प्रार्थना है कि:
दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति एवं धैर्य प्रदान करें।
मेरी गहरी संवेदनाएं उनके शोक संतप्त परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। उनकी विरासत हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगी।
ॐ शांति।

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