राजस्थान स्थापना दिवस: शौर्य और परंपरा की पावन धरा को कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का नमन
जयपुर। राजस्थान—एक ऐसा नाम जो सुनते ही आंखों के सामने अदम्य साहस, राजसी ठाठ-बाठ और बहुरंगी संस्कृति की तस्वीर उभर आती है। आज राजस्थान के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर उद्योग मंत्री एवं ओलिंपिक पदक विजेता कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं प्रेषित की हैं।
मिट्टी के कण-कण में वीरता
कर्नल राठौड़ ने अपने संदेश में राजस्थान की गौरवशाली विरासत को याद करते हुए कहा:
"राजस्थान शौर्य, तपस्या, कला और परंपरा की पावन भूमि है। यहाँ की मिट्टी इतिहास की महान गाथाओं की प्रमाण है। राजस्थान की मिट्टी का हर एक कण हमें शौर्य, अनुशासन और स्वाभिमान का संदेश देता है।"
विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान की वास्तुकला, यहाँ की हस्तशिल्प कला और हमारी समृद्ध परंपराएं आज केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। राजस्थान की पहचान यहाँ के किलों, हवेलियों और लोक संस्कृति से है, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है।
विकसित राजस्थान का संकल्प
स्थापना दिवस के इस गौरवशाली अवसर पर कर्नल राठौड़ ने सभी प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि आइए, हम सब मिलकर अपने समृद्ध राजस्थान को और अधिक गौरवशाली और विकसित बनाने का संकल्प लें।
जय राजस्थान, जय जय राजस्थान!

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