मेवाड़ का जयघोष: जौहर श्रद्धांजलि समारोह में बोले कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ – 'स्वतंत्रता और सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं'
चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने रविवार को चित्तौड़गढ़ प्रवास के दौरान जौहर स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित 'जौहर श्रद्धांजलि समारोह' में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने मेवाड़ की उन महान वीरांगनाओं और वीर योद्धाओं को नमन किया, जिनका बलिदान आज भी भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
नारी शक्ति और मेवाड़ की परंपरा को नमन
समारोह को संबोधित करते हुए कर्नल राठौड़ ने अपने भाषण की शुरुआत नारी शक्ति के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए की। उन्होंने कहा कि मेवाड़ की माटी में वो जोश और जुनून आज भी जीवित है, जो सदियों पहले वीरों के रगों में दौड़ता था। उनके संबोधन के दौरान 'भारत माता की जय' और 'एकलिंग महाराज की जय' के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
संबोधन के मुख्य अंश:
प्रेरणा का स्रोत: मेवाड़ की वीरांगनाओं का जौहर और वीरों का बलिदान हमें सिखाता है कि आत्मसम्मान और स्वतंत्रता के आगे सब कुछ गौण है।
एकता का संदेश: आज जब दुनिया संघर्षों के दौर से गुजर रही है, तब हम सबको एकजुट रहने की आवश्यकता है। हमारी सबसे बड़ी पहचान 'हिंदुस्तानी' है।
अमर बलिदान: वीर-वीरांगनाओं के स्वाधीन व्यक्तित्व की आभा सदियों तक आने वाली पीढ़ियों का पथ प्रदर्शित करती रहेगी।
निष्कर्ष: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का यह भावपूर्ण संबोधन हमें हमारी गौरवशाली विरासत से जुड़ने और राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है।

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