राजस्थान में तकनीकी क्रांति: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने सीसाइड स्टार्टअप समिट 2026 में ‘इनोवेशन पवेलियन’ का किया उद्घाटन
राजस्थान अब सिर्फ रेत के टीलों और राजमहलों का प्रदेश नहीं रहा, बल्कि यह तकनीक और नवाचार (इनोवेशन) की नई पहचान बनता जा रहा है। इसी कड़ी में एक और ऐतिहासिक पड़ाव जुड़ गया है—सीसाइड स्टार्टअप समिट—2026।
इस भव्य आयोजन में प्रदेश के आईटी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने ‘इनोवेशन पवेलियन’ का उद्घाटन किया। यह पवेलियन सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि राजस्थान के युवाओं की उड़ान का प्रतीक है।
क्या है खास इस इनोवेशन पवेलियन में?
इस पवेलियन में राजस्थान के स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक नया मंच मिला है। यहां पर दूरदराज के शहरों और गांवों से आए युवा उद्यमी अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को दिखा रहे हैं। एग्री-टेक से लेकर फिनटेक, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर क्लाइमेट टेक तक, हर क्षेत्र में राजस्थान के युवा धमाल मचा रहे हैं।
कर्नल साहब का संदेश
उद्घाटन के दौरान कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा, "राजस्थान सिर्फ एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, यह एक माइंडसेट है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक राजस्थान को देश का टॉप स्टार्टअप हब बनाया जाए। इनोवेशन पवेलियन उन ड्रीमर्स को एक प्लेटफॉर्म देगा जो दुनिया बदलने की ताकत रखते हैं।"
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उनके इस दृष्टिकोण नो युवा उद्यमियों में जोश भर दिया।
राजस्थान की बदलती तस्वीर
सीसाइड स्टार्टअप समिट—2026 ने यह साबित कर दिया है कि राजस्थान अब डिजिटल क्रांति के लिए पूरी तरह तैयार है। आईटी मंत्री के रूप में कर्नल राठौड़ की सक्रियता और सरकार की नीतियों से प्रदेश में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा मिल रहा है।
अगर आप एक युवा स्टार्टअप फाउंडर हैं या कोई इनोवेटिव आइडिया लेकर बैठे हैं, तो यह समय राजस्थान की ओर देखने का है। समिट अगले तीन दिनों तक जारी रहेगी, जिसमें मेंटरशिप सत्र और पिचिंग सेशन भी होंगे।
Comments
Post a Comment