कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: PM-SETU में राजस्थान का नंबर 1 स्थान—कौशल से रोजगार तक का नया सफर
राजस्थान के उद्योग, खेल और कौशल विकास मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने राज्य में 'डिलीवरी' का एक नया और प्रभावी मॉडल पेश किया है। उनके अनुसार, सफलता का सूत्र बहुत सरल है: Coordination → Skills → Jobs.
🤝 तालमेल ही है सफलता की कुंजी
कर्नल राठौड़ का मानना है कि जब इंडस्ट्री (Industry), कौशल विभाग (Skill Department) और राज्य-केंद्र सरकार के बीच तालमेल मजबूत होता है, तभी ट्रेनिंग असली रोजगार में बदल पाती है। इसी मजबूत समन्वय का परिणाम है कि PM-SETU योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान आज राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान पर है।
PM-SETU का राजस्थान मॉडल: सीधा और व्यावहारिक
राजस्थान ने PM-SETU (Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs) को केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक समाधान की तरह लागू किया है:
उद्योगों की भागीदारी: कोर्सेज का चयन और डिजाइन सीधे इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से किया जा रहा है।
जॉब-लिंक्ड ट्रेनिंग: ट्रेनिंग का अंत केवल सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि जॉब ऑफर है।
सीखना भी, काम भी: प्लेसमेंट पर विशेष फोकस है, ताकि युवा सीखते-सीखते ही पेशेवर बन सकें।
नीतियों से मिलता बल: Skills Policy 2025 और Employment Policy 2026
राज्य सरकार ने इस विजन को कानूनी और प्रशासनिक मजबूती देने के लिए राजस्थान कौशल नीति 2025 और रोजगार नीति 2026 लागू की है। इन नीतियों का एक ही लक्ष्य है— "कौशल तभी सफल है, जब वह हाथ को काम दिलाए।"
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी विजन और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में राजस्थान आज युवाओं के लिए अवसरों का प्रदेश बन गया है। कर्नल राठौड़ का यह मॉडल साबित करता है कि सही दिशा और समन्वय से हम हर हाथ को हुनर और हर हुनर को काम दे सकते हैं।

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