कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: राजनीति से परे, जब बच्चों के साथ मिलीं मुस्कानें और ताल!
जयपुर: अक्सर हम नेताओं को गंभीर भाषण देते या फाइलों में डूबा देखते हैं, लेकिन राजस्थान के उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। बच्चों के बीच पहुँचकर उन्होंने न केवल अपनी उपलब्धियां साझा कीं, बल्कि उनके साथ एक आत्मीय रिश्ता भी जोड़ा।
सिर्फ संवाद नहीं, एक अनुभव
कर्नल राठौड़ ने अपने हालिया दौरे के बारे में दिल को छू लेने वाली बात कही— "आज बच्चों के साथ सिर्फ बातें नहीं हुईं, मुस्कानें और ताल भी मिलीं।" यह वाक्य दर्शाता है कि बच्चों के साथ उनका जुड़ाव केवल औपचारिक नहीं था। उन्होंने छात्रों के साथ ठहाके लगाए, उनके सपनों को सुना और उन्हें प्रोत्साहित किया।
मुस्कानों के पीछे का मकसद
जब एक ओलंपिक पदक विजेता और सेना के कर्नल बच्चों के बीच होते हैं, तो प्रेरणा का स्तर अलग ही होता है।
सीख और खेल: उन्होंने बच्चों को बताया कि सफलता के लिए अनुशासन और खेल भावना उतनी ही जरूरी है जितनी कि पढ़ाई।
तनाव मुक्त वातावरण: परीक्षा के दबाव के बीच, कर्नल राठौड़ की उपस्थिति ने बच्चों को तनाव मुक्त किया। तालियों की गूँज ने साबित किया कि बच्चे उन्हें केवल एक मंत्री नहीं, बल्कि अपना आदर्श (Mentor) मान रहे हैं।
निष्कर्ष
युवा भारत को ऐसे ही नेतृत्व की जरूरत है जो उनके स्तर पर आकर बात कर सके। कर्नल राठौड़ की यह 'मुस्कानों और ताल' वाली मुलाकात बच्चों के दिलों में आत्मविश्वास का एक नया बीज बो गई है।

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