कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: जब एक मंत्री ने छात्रों संग थामी यातायात व्यवस्था की कमान
जयपुर। आमतौर पर हम मंत्रियों को सरकारी गाड़ियों में सुरक्षा घेरे में चलते देखते हैं, लेकिन हाल ही में राजस्थान की राजधानी में एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री, श्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, सड़क पर उतरे— और वो भी सिर्फ भाषण देने नहीं, बल्कि जनता के बीच खड़े होकर यातायात नियमों की अलख जगाने के लिए।
जनसहभागिता का प्रेरक उदाहरण
कर्नल राठौड़ ने जयपुर के प्रमुख जंक्शनों पर आम नागरिकों और विद्यार्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होकर ट्रैफिक नियमों का पालन करने का संदेश दिया। यह कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु था। इस अभियान ने साबित कर दिया कि जब नेता खुद आगे आकर जिम्मेदारी लेता है, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की लहर दौड़ जाती है।
विद्यार्थी बने नेतृत्व की सीढ़ी पर
इस पहल में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही विद्यार्थियों की। युवाओं ने न सिर्फ यातायात प्रबंधन की बारीकियों को समझा, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार भी किया। यह महज़ एक जागरूकता अभियान नहीं था; यह नेतृत्व की पहली सीढ़ी थी, जहां छात्रों को वास्तविक जीवन में प्रशासनिक चुनौतियों को समझने का अवसर मिला।
भविष्य की नींव: Student-Police Internship Framework
इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसने एक व्यापक सोच को जन्म दिया। पुलिस एवं गृह विभाग के समन्वय से अब "Student-Police Internship Framework" पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस फ्रेमवर्क का उद्देश्य युवाओं को पुलिस प्रशासन के साथ जोड़ना है, जिससे उन्हें वास्तविक अनुभव मिले और समाज के प्रति उनकी समझ विकसित हो।
कर्नल राठौड़ का संदेश
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री राठौड़ ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही:
"युवा सशक्त होंगे तो राज्य अनुशासित होगा। सिविक सेंस (नागरिक भावना) हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।"
उनका यह कथन इस पूरे अभियान का सार है। यह सरकार या पुलिस का अकेला काम नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह शहर को सुरक्षित और अनुशासित बनाए।
राजस्थान पुलिस: संकल्प का प्रतीक
यह पहल राजस्थान पुलिस के उस मूल मंत्र को साकार करती है, जो है— जनविश्वास, जनसहभागिता और सुरक्षा का संकल्प। जब एक मंत्री, पुलिस और छात्र मिलकर सड़क पर उतरते हैं, तो एक नई सामाजिक चेतना का निर्माण होता है।
यह अभियान आने वाले समय में दूसरे शहरों के लिए भी एक मिसाल बनेगा, जहां नागरिक और प्रशासन मिलकर शहर को एक बेहतर जगह बना सकते हैं।

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