खिलाड़ियों की समस्याओं पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का 'एक्शन मोड': "लिखित में दें शिकायत, होगा समाधान"
जयपुर। राजस्थान के खेल जगत में इन दिनों एक नई ऊर्जा देखी जा रही है। प्रदेश के युवा एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सीधे मैदान पर उतरकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहे हैं।
भाषण नहीं, सीधा संवाद
हाल ही में जयपुर में आयोजित एक विशेष मुलाकात कार्यक्रम में कर्नल राठौड़ का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने औपचारिक मंच और लंबे भाषणों को छोड़कर सीधे खिलाड़ियों और कोचों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं। उन्होंने साफ संदेश दिया कि खिलाड़ियों की प्रगति में आने वाली किसी भी बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रमुख बातें:
पारदर्शिता और जवाबदेही: मंत्री ने खिलाड़ियों से कहा, "समस्या को दबाकर मत रखिए, लिखित में दीजिए और समाधान पाइए।" उन्होंने अधिकारियों को भी कड़ी चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में देरी नहीं होनी चाहिए।
कोच की जिम्मेदारी: उन्होंने कोचों से कहा कि खिलाड़ियों को तैयार करना सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी है।
विश्वस्तरीय सुविधाएं: राठौड़ ने भरोसा दिलाया कि राजस्थान की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकने के लिए सरकार हर संभव विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराएगी।
सम्मान से बढ़ा उत्साह
कार्यक्रम के दौरान कर्नल राठौड़ ने खुद खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर उनका अभिनंदन किया। एक पूर्व ओलंपिक पदक विजेता होने के नाते, उनका खिलाड़ियों के साथ यह व्यक्तिगत जुड़ाव राजस्थान के खेल भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
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