कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: एनसीसी कैडेट्स का जोश और देश का गौरव – एक अविस्मरणीय अनुभव
गणतंत्र दिवस की परेड केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति का प्रतिबिंब है। हाल ही में माननीय कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने एनसीसी (NCC) कैडेट्स के साथ उनके गणतंत्र दिवस परेड के अनुभव साझा किए। कैडेट्स से बात करते हुए कर्नल राठौड़ ने जो महसूस किया, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
✨ आँखों में गर्व और बातों में उत्साह
कर्नल राठौड़ ने बताया कि जब वे इन युवा कैडेट्स से मिले, तो उनकी बातों में एक अलग ही उत्साह (Excitement) था और आँखों में देश के लिए कुछ कर गुजरने का गर्व। गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनना इन युवाओं के लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक Life-changing moment बन गया है।
🛡️ सुरक्षित हाथों में भारत का भविष्य
जब कड़े अनुशासन को पहचान मिलती है और युवाओं के सपनों को देश का विश्वास हासिल होता है, तब भविष्य वाकई उज्ज्वल और आत्मविश्वास से भरा नजर आता है।
अनुशासन की शक्ति: NCC कैडेट्स का अनुशासन यह सिखाता है कि कैसे छोटी-छोटी कोशिशें बड़े बदलाव लाती हैं।
मजबूत नेतृत्व: इन ऊर्जावान युवाओं को देखकर यह विश्वास और दृढ़ हो जाता है कि "India is in safe and strong hands."
निष्कर्ष
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का मानना है कि ये कैडेट्स कल के लीडर्स हैं। उनका आत्मविश्वास और देश के प्रति प्रेम यह सुनिश्चित करता है कि भारत की अगली पीढ़ी राष्ट्र निर्माण के लिए पूरी तरह तैयार है।

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