राजस्थान में निवेश की बयार: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने दिखाई नई राह, 550 युवाओं को मिलेगा रोजगार
झारखंड नहीं, अब राजस्थान बनेगा स्टील हब?
कर्नल राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान में 500 करोड़ रुपये का एक बड़ा निवेश होने जा रहा है, जो लौह अयस्क से स्टील तक की वैल्यू चेन को मजबूत करेगा। एक प्रमुख कंपनी ने इस परियोजना के लिए हाथ आगे बढ़ाया है, जिसे 53 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। यह प्लांट बेनिफिकेशन और पैलेटाइजेशन तकनीक पर आधारित होगा, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 1.5 मिलियन मीट्रिक टन होगी।
550 परिवारों की होगी रोशनी
इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रोजगार है। कर्नल राठौड़ ने कहा कि इस प्लांट से सीधे तौर पर राजस्थान के 550 युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, सप्लाई चेन से जुड़ी कई सहायक इकाइयां (एक्सेसरी यूनिट्स) भी विकसित होंगी, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
जयपुर को मिलेगा भव्य मंडपम
केवल औद्योगिक निवेश ही नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। कर्नल राठौड़ ने टोंक रोड़ स्थित बी-2 बायपास (एयरपोर्ट के निकट) पर प्रस्तावित मंडपम प्रोजेक्ट की अपडेट जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट की लागत में सुधार करते हुए अब इसे सेल्फ सस्टेनिंग मॉडल पर तैयार किया जा रहा है।
पहले इस प्रोजेक्ट की लागत 3,055 करोड़ रुपये थी, जिसमें 635 करोड़ का राजस्व गैप था। अब संशोधित मॉडल में प्रोजेक्ट लागत 5,815 करोड़ रखी गई है, जबकि अनुमानित राजस्व 5,825 करोड़ निर्धारित किया गया है। यानी अब यह प्रोजेक्ट सरकार पर बोझ नहीं बनेगा, बल्कि खुद ही राजस्व अर्जित करेगा।
कर्नल साहब का कहना है कि राजस्थान को "इन्वेस्टर लैंड रेडी स्टेट" के रूप में तैयार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रदेश में निवेश के और भी कई बड़े समझौते देखने को मिल सकते हैं।

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