कर्नल राज्यवर्धन राठौड़: कौशल विकास में राजस्थान ने रचा इतिहास, बना देश का नंबर-1 राज्य
राजस्थान के युवाओं के लिए एक गौरवान्वित करने वाली खबर आई है। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के नेतृत्व में राजस्थान, कौशल विकास मंत्रालय (Skill Ministry) के डैशबोर्ड पर सभी 'ग्रीन इंडिकेटर्स' हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि राजस्थान सरकार युवाओं के कौशल को निखारने और उन्हें रोजगार के आधुनिक अवसरों से जोड़ने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है।
🚀 पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना में अग्रणी
राजस्थान ने केंद्र सरकार की PM-SETU योजना के कार्यान्वयन में जबरदस्त तेजी दिखाई है। पीपीपी (PPP) मोड पर आधारित इस योजना के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) का अपग्रेडेशन किया जा रहा है। कर्नल राठौड़ ने स्पष्ट किया कि अब राज्य में उद्योगों के साथ सीधा सहयोग है, जहाँ उद्योगों को तकनीकी प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
💡 क्यों खास है यह उपलब्धि?
कौशल विकास मंत्रालय के डैशबोर्ड पर 'ग्रीन इंडिकेटर्स' का मतलब है कि राज्य ने निम्नलिखित मानकों पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है:
त्वरित योजना और निष्पादन: टेंडर प्रक्रिया से लेकर कार्यान्वयन तक की गति।
इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण: प्रोजेक्ट लागत का 60% हिस्सा टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण में लगाना।
रोजगार गारंटी: प्रशिक्षित युवाओं में से कम से कम 10% को पार्टनर उद्योगों में अनिवार्य रूप से नौकरी मिलना।
🌟 कर्नल राठौड़ का विजन
मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कौशल को युवाओं की सबसे बड़ी जरूरत मानते हैं। हमने उद्योगों के साथ कई दौर की चर्चा की ताकि नियम और शर्तें उनके अनुकूल हों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके।"
निष्कर्ष: राजस्थान अब न केवल सौर ऊर्जा और पर्यटन में, बल्कि स्किल्ड मैनपावर में भी भारत का इंजन बन रहा है। यह प्रगति 'विकसित राजस्थान' की ओर एक बड़ा कदम है।
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