कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का संदेश: गणतंत्र का सही अर्थ और दौसा की प्रेरणादायक परेड
आज जब हम 75वें गणतंत्र दिवस के उत्सव में डूबे हैं, कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के शब्द गहरी प्रतिध्वनि छोड़ते हैं। उन्होंने सही कहा – "गणतंत्र का अर्थ है जनता द्वारा, जनता के लिए बना तंत्र।" यह केवल एक परिभाषा नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की आत्मा का वर्णन है।
राठौड़ साहब ने दौसा जिले में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड का जिक्र करते हुए हर्ष और गर्व की जो अनुभूति व्यक्त की, वह हर देशवासी के मन की आवाज़ है। मार्चिंग कंटिंजेंट्स, पुलिस बल, एनसीसी, स्काउट्स एंड गाइड्स के युवा साथियों ने जिस अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभाव का प्रदर्शन किया, वह देखने लायक था। ये वही युवा शक्ति है जो देश के भविष्य की नींव है। सभी प्रतिभागियों को उनकी बधाई से सहमत होते हुए, मैं भी उनके प्रयासों की सराहना करता हूं।
इस उत्सव के माध्यम से एक गंभीर संदेश भी मिलता है। हमारा संविधान हमें मौलिक अधिकार देता है, लेकिन साथ ही यह राष्ट्र की रक्षा और एकता बनाए रखने का दायित्व भी हम पर डालता है। यह अधिकार और कर्तव्य का सुन्दर समन्वय है।
कर्नल राठौड़ के शब्दों में ही – "हमारा संकल्प स्पष्ट है… Nation First." यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी नागरिक पहचान का आधार बनना चाहिए। चाहे हम सोशल मीडिया पर हों, कार्यस्थल पर हों या समाज में, 'राष्ट्र प्रथम' का यह विचार हमारे हर निर्णय और कार्य का केंद्र बिंदु हो।
आइए, इस गणतंत्र दिवस पर हम अपने संविधान के प्रति सम्मान, देश के प्रति प्रेम और 'नेशन फर्स्ट' के संकल्प को नए सिरे से दोहराएं। जय हिंद!
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