कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ - आज अपनों के साथ अच्छे और यादगार पल
हम अक्सर कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को उनके सार्वजनिक रूप में देखते हैं - एक निडर शूटर, एक दृढ़ निश्चयी खिलाड़ी, एक कर्तव्यनिष्ठ सांसद और एक करिश्माई मंत्री। मीडिया में वे एक लोहे के इरादों वाले व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब कैमरे बंद हो जाते हैं, तब वे कौन होते हैं?
आज, हम उस "अनदेखे" राठौड़ के बारे में बात करेंगे, जो अपनों के बीच सबसे ज्यादा खिलता है।
सैन्य अनुशासन और पारिवारिक गर्मजोशी का अनूठा मेल
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का जीवन अनुशासन, लक्ष्य और देश सेवा की कहानी है। लेकिन इन सभी जिम्मेदारियों के बीच, वे अपने परिवार के लिए समय निकालना कभी नहीं भूलते। यही उनकी सच्ची ताकत का रहस्य है। वे मानते हैं कि परिवार वह सुरक्षित घोंसला है, जहाँ से उन्हें दुनिया का सामना करने की ऊर्जा मिलती है।
यादगार पलों की झलक
चाहे दिल्ली में अपने घर पर पत्नी और बच्चों के साछोटी-छोटी खुशियाँ मनाना हो, जयपुर में अपने विस्तृत परिवार के साथ त्योहारों की रौनक हो, या फिर किसी छुट्टी पर प्रकृति की गोद में सबके साथ समय बिताना हो – ये पल उनके लिए सबसे कीमती हैं। इन पलों में वह सख़्त कर्नल नहीं, बल्कि एक प्यार करने वाले पिता, एक समर्पित पति और एक मस्त भाई बन जाते हैं।
संदेश स्पष्ट है: संतुलन ज़रूरी है
कर्नल राठौड़ का जीवन हमें यह सिखाता है कि सफलता का असली मतलब केवल करियर में ऊँचाइयाँ छूना नहीं है। असली सफलता तो तब है जब आप उन ऊँचाइयों के बीच भी, अपने प्रियजनों के साथ ज़मीन से जुड़े रहें। अपनों के साथ बिताए गए वो साधारण, खिलखिलाते हुए पल ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत हैं।
अंतिम बात
एक ओलंपियन की जीत की कहानी स्टेडियम में शुरू होती है, लेकिन उसकी नींव तो घर में, परिवार के प्यार और समर्थन से पड़ती है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ इसके जीते-जागते उदाहरण हैं। आज, उन्हें सलाम करते हैं न सिर्फ़ एक महान खिलाड़ी और नेता के तौर पर, बल्कि एक अद्भुत पारिवारिक व्यक्ति के रूप में भी।
क्योंकि जीवन की सबसे बड़ी जीत, अपनों के दिलों पर राज करना होती है।

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