अमर शहादत को नमन: नायक सुरेश कुमार ज्याणी जी के सर्वोच्च बलिदान को कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की श्रद्धांजलि
देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के लाड़ले सपूत नायक सुरेश कुमार ज्याणी ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। मां भारती की सेवा में समर्पित नायक सुरेश कुमार जी की शहादत की खबर ने पूरे प्रदेश और राष्ट्र को शोकाकुल कर दिया है।
राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने वीर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा एवं सुरक्षा में उनका अतुलनीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
वीरता और समर्पण की मिसाल
नायक सुरेश कुमार ज्याणी जी हनुमानगढ़ जिले के फेफाना गांव के निवासी थे और भारतीय सेना की 21 जाट रेजिमेंट में तैनात थे। उन्होंने लेह-लद्दाख जैसे दुर्गम और अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अपनी ड्यूटी निभाते हुए वीरगति प्राप्त की।
अतुलनीय योगदान: कर्नल राठौड़ ने रेखांकित किया कि देश की सुरक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले ये वीर सपूत ही हमारे असली नायक हैं।
शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना: "ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करें।" कर्नल राठौड़ ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
हनुमानगढ़ का गौरव
हनुमानगढ़ की इस पावन धरा ने समय-समय पर ऐसे वीर योद्धाओं को जन्म दिया है जिन्होंने तिरंगे की आन-बान और शान के लिए अपने प्राण न्योछावर किए हैं। नायक सुरेश कुमार ज्याणी जी का नाम अब इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया है।
निष्कर्ष: नायक सुरेश कुमार ज्याणी जी का बलिदान हमें याद दिलाता है कि हम जिस शांति और सुरक्षा में जी रहे हैं, उसकी कीमत हमारे सैनिक सरहदों पर चुकाते हैं। राष्ट्र उनके प्रति सदैव ऋणी रहेगा।

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