ममता और राष्ट्रनिष्ठा की प्रतिमूर्ति: राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन



आज, भारतीय राजनीति के आकाश में ध्रुव तारे की तरह चमकने वाली, सेवा एवं समर्पण की साक्षात प्रतिमूर्ति राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की पुण्यतिथि है। झोटवाड़ा विधायक और कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने उन्हें याद करते हुए अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

कर्नल राठौड़ ने अपने संदेश में कहा:

"सेवा एवं समर्पण की प्रतिमूर्ति राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका आदर्श जीवन एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण हम सभी को सेवापथ पर सदैव मार्गदर्शित करता रहेगा।"

एक राजसी जीवन, जो जनता को समर्पित रहा

ग्वालियर की राजमाता के रूप में विख्यात विजयाराजे सिंधिया जी का जीवन विलासिता के लिए नहीं, बल्कि जनकल्याण के लिए जाना जाता है। उन्होंने महल के सुखों को त्याग कर लोकतंत्र की रक्षा और जनसेवा के कठिन मार्ग को चुना।

  • भाजपा की आधारशिला: वे भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थीं। उनके अथक प्रयासों और वैचारिक दृढ़ता ने पार्टी को उस मुकाम तक पहुँचाया जहाँ वह आज है।

  • लोकतंत्र की प्रहरी: आपातकाल के दौरान उन्होंने जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, वह आज भी राजनीति के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

  • संस्कृति और संस्कार: राजमाता ने हमेशा भारतीय मूल्यों, संस्कृति और नारी शिक्षा पर जोर दिया।

कर्नल राठौड़ का संकल्प

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जैसे नेता, जो स्वयं राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित हैं, राजमाता के पदचिह्नों पर चलते हुए अंत्योदय (अंतिम व्यक्ति का उदय) के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रयासरत हैं। उनके अनुसार, राजमाता का जीवन हमें सिखाता है कि शक्ति का असली उपयोग दूसरों की सेवा में ही है।

Comments

Popular posts from this blog

Rajasthan Government Delegation Led by Industry Minister Rajyavardhan Singh Rathore Visits Switzerland to Attract Investments and Promote Rising Rajasthan Summit

Rajyavardhan Rathore - Quick Resolution of Electricity Issues Now Available

श्री हनुमान चालीसा पाठ और संकीर्तन झारखंड महादेव मंदिर में झोटवाड़ा में किया गया