कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के नेतृत्व में 108 सूर्य नमस्कार: ऊर्जा, अनुशासन और एकाग्रता का त्रिवेणी संगम
जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल का प्रांगण आज सुबह-सुबह एक अद्भुत और स्फूर्तिदायक दृश्य का गवाह बना। क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित 108 सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में सैकड़ों उत्साही प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसका नेतृत्व किया सेना के पूर्व अधिकारी और प्रेरणादायी व्यक्तित्व कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने।
यह केवल एक योग शिविर नहीं, बल्कि एक जीवन अनुशासन का प्रायोगिक सत्र था। कर्नल राठौड़, जो स्वयं अनुशासन और शारीरिक फिटनेस के प्रतीक हैं, ने पूरे कार्यक्रम को एक सैन्य-सी precision और आध्यात्मिक गहराई के साथ संचालित किया।
"ऊर्जा, अनुशासन, एकाग्रता" – यह केवल नारा नहीं, बल्कि इस कार्यक्रम का सार था।
ऊर्जा (Energy): 108 सूर्य नमस्कार, जो शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण हैं, शरीर की प्राण ऊर्जा को जगाने का एक शक्तिशाली माध्यम हैं। एक साथ, एक लय में किए गए ये आसन वातावरण में विद्युत प्रवाह का सा संचार कर रहे थे।
अनुशासन (Discipline): कर्नल की आवाज़ में एक कमांड थी, जो हर प्रतिभागी को सही पोज़ और लय में बांधे रखती थी। यही अनुशासन जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने की आधारशिला है।
एकाग्रता (Focus): हर एक चक्र के साथ, मन बाहरी विचारों से हटकर सांस और शरीर की गति पर केंद्रित होता चला गया। यह ध्यान की गहरी अवस्था की ओर एक यात्रा थी।
अल्बर्ट हॉल, जयपुर का ऐतिहासिक परिवेश इस अनुभव को और भी विशिष्ट बना रहा था। प्राचीन वास्तुकला के बीच आधुनिक जीवनशैली के लिए यह प्राचीन योग विज्ञान का मिलन अद्वितीय था।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट था: स्वस्थ शरीर, अनुशासित मन और केंद्रित चेतना ही सफलता और संतुलित जीवन की कुंजी है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जैसे नेतृत्वकर्ता के सानिध्य में यह अनुभव सैकड़ों लोगों के लिए केवल एक सुबह की कसरत नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक नई दृष्टि देने वाला था।
आपने अगर यह कार्यक्रम छोड़ दिया, तो चिंता न करें। इसकी भावना को जीवन में उतारिए। प्रतिदिन कुछ सूर्य नमस्कार से शुरुआत करें, अपने लिए अनुशासन तय करें, और अपनी ऊर्जा को सही दिशा में केंद्रित करें।
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